लोकसभा में उठा दिव्यांगजन सशक्तिकरण का मुद्दा, सांसद राजकुमार चाहर के प्रश्न पर मंत्री बीएल वर्मा ने दिया जवाब
आगरा। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं फतेहपुर सीकरी लोकसभा क्षेत्र के सांसद राजकुमार चाहर ने लोकसभा में आमजन की जरूरतों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया। यह सवाल सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय तथा दिव्यांगजन सशक्तिकरण से संबंधित था।
आगरा। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं फतेहपुर सीकरी लोकसभा क्षेत्र के सांसद राजकुमार चाहर ने लोकसभा में आमजन की जरूरतों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया। यह सवाल सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय तथा दिव्यांगजन सशक्तिकरण से संबंधित था।
इस पर राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने मंत्रालय द्वारा दिव्यांगजन के लिए चलाई जा रही योजनाओं, सेवाओं और तकनीकी विकास से जुड़े विस्तृत तथ्य प्रस्तुत किए। मंत्री बीएल वर्मा ने बताया कि मंत्रालय देशभर में दिव्यांगजन के पुनर्वास, सहायक उपकरण उपलब्ध कराने, कौशल विकास, रोजगार, शिक्षा और प्रारंभिक थेरेपी जैसे क्षेत्रों में व्यापक कार्य कर रहा है।
वर्तमान में मंत्रालय के तहत 9 राष्ट्रीय पुनर्वास संस्थान और 30 सामुदायिक आधारित पुनर्वास केंद्र कार्यरत हैं। जो प्रारंभिक हस्तक्षेप, कौशल प्रशिक्षण, परामर्श और सहायक उपकरण फिटिंग जैसी महत्वपूर्ण सेवाएँ देते हैं। एएलआईएमसीओ द्वारा ADIP योजना के अंतर्गत दिव्यांगजन को उच्च गुणवत्ता वाले सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही संस्था नई तकनीकों, आधुनिक उपकरणों के विकास और उनकी फिटिंग एवं वितरण प्रक्रियाओं को और बेहतर बनाने पर निरंतर काम कर रही है।
अनुसंधान एवं तकनीकी विकास
मंत्री ने बताया कि एसआईपीडीए अनुसंधान उप-योजना के माध्यम से मंत्रालय आधुनिक सहायक तकनीकों, डिजिटल-आधारित सेवाओं, पुनर्वास मॉडल और थेरेपी प्रोटोकॉल पर अनुसंधान कर रहा है। नई दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, देहरादून और कोलकाता स्थित प्रमुख संस्थान इस दिशा में महत्वपूर्ण शोध कर रहे हैं।
एएलआईएमसीओ की प्रमुख तकनीकी साझेदारियां
आधुनिक उपकरणों के विकास हेतु एएलआईएमसीओ कई अग्रणी संस्थानों के साथ काम कर रहा है CSIR–CSIO कम दृष्टि वाले नागरिकों हेतु विशेष चश्मे तैयार कर रहा है। CDAC आधुनिक श्रवण सहायक उपकरण बना रहा है। IIT चेन्नई नी-जॉइंट्स और कस्टमाइज्ड डाईज़ तैयार कर रहा है। विशाखापत्तनम में प्रस्तावित R&D सेंटर बन रहा है। उन्होंने बताया कि SIPDA अनुसंधान उप-योजना के लिए 2020–21 से 2025–26 तक कुल ₹3.49 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
देशभर में शिविर और सेवाएं
ALIMCO ने हाल ही में महाराष्ट्र के पालघर ज़िले में ADIP योजना के तहत 1057 लाभार्थियों को ₹97.39 लाख मूल्य के सहायक उपकरण वितरित किए। देशभर में नियमित तौर पर थेरेपी शिविर, काउंसलिंग, रोजगार मेले और उपकरण वितरण कार्यक्रम जारी हैं, जिससे दिव्यांगजन को सीधे लाभ मिल रहा है।