भक्ति की गूंज से गूंज उठा जयपुर हाउस, श्रीमद्भागवत कथा से पूर्व निकली कलश यात्रा, श्रद्धा से सराबोर हुआ क्षेत्र

आगरा। आगरा में श्रीमद्भागवत कथा के पावन आयोजन से पूर्व आज जयपुर हाउस क्षेत्र पूरी तरह भक्ति के रंग में रंग गया। श्रीहरि की महिमा का अमृतपान करने के लिए निकली भव्य कलश यात्रा में श्रद्धा, उल्लास और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। बैंड-बाजों की मधुर धुनों पर झूमते-नाचते सैकड़ों श्रद्धालु सिर पर मंगल कलश धारण कर पूरे क्षेत्र में भ्रमण करते नजर आए।

Dec 25, 2025 - 22:08
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भक्ति की गूंज से गूंज उठा जयपुर हाउस, श्रीमद्भागवत कथा से पूर्व निकली कलश यात्रा, श्रद्धा से सराबोर हुआ क्षेत्र
कलश यात्रा केदौरान भक्ति गीतों पर नाचती महिलाएं।

आगरा। आगरा में श्रीमद्भागवत कथा के पावन आयोजन से पूर्व आज जयपुर हाउस क्षेत्र पूरी तरह भक्ति के रंग में रंग गया। श्रीहरि की महिमा का अमृतपान करने के लिए निकली भव्य कलश यात्रा में श्रद्धा, उल्लास और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। बैंड-बाजों की मधुर धुनों पर झूमते-नाचते सैकड़ों श्रद्धालु सिर पर मंगल कलश धारण कर पूरे क्षेत्र में भ्रमण करते नजर आए।

जयपुर हाउस स्थित जैन स्मृति भवन से विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ कलश यात्रा का शुभारंभ हुआ। पीताम्बर परिधान में सुसज्जित महिलाएं श्रीहरि के भजनों में लीन होकर कदमताल करती रहीं। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिरस से सराबोर हो उठा।

कलश यात्रा टोरन्ट कार्यालय, हनुमान मंदिर सहित जयपुर हाउस क्षेत्र के प्रमुख मार्गों से गुजरती हुई पुनः कथा स्थल पर पहुंची, जहां मंत्रोच्चारण के साथ विधिवत कलशों की स्थापना की गई। आयोजन समिति के पदाधिकारियों एवं सिंधी युवा मंच के संरक्षक लक्ष्मण कल्याणी ने बताया कि व्यासपीठाचार्य किशोरी जानकी देवी के श्रीमुख से सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से सायं 4 बजे तक होगी।

कथा के प्रथम दिन श्रीमद्भागवत के महत्व और धुंधकारी की कथा का वर्णन किया जाएगा। दूसरे दिन मंगलाचरण, सोनक जी द्वारा शिवजी के साथ प्रश्नोत्तरी और नारद जी के पूर्व जन्म की कथा सुनाई जाएगी। तीसरे दिन राजा परीक्षित को श्राप, शुकदेव जी का आगमन, विदुर और सति चरित्र का प्रसंग होगा। चौथे दिन ध्रुव चरित्र, भगवान के विभिन्न अवतार, जड़ भरत और भक्त प्रह्लाद की कथा का रसपान कराया जाएगा। पांचवें दिन समुद्र मंथन, वामन अवतार और श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन होगा। छठे दिन रासलीला, कंस वध और रुक्मिणी विवाह, जबकि सातवें और अंतिम दिन सुदामा चरित्र, भगवान श्रीकृष्ण–उद्धव संवाद और राजा परीक्षित को मुक्ति की कथा सुनाई जाएगी।

आयोजकों ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से उपस्थित होकर इस दिव्य कथा का लाभ लेने की अपील की है। इस अवसर पर संत गुरमुख दास, लक्ष्मण कल्याणी, परीक्षित सुरेश कल्याणी, खुशी कल्याणी, अर्जुन दास, अंजना भारानी, मीरा कल्याणी, कान्ता, लक्ष्मी, शुशी, लवीना, पूजा भोजवानी, सोनम मुलानी, मधु केवलरामानी, हेमंत भोजवानी, जयप्रकाश धर्मानी, घनश्याम मुलानी, सुनील करमचंदानी, रिया सहजवानी, खुशी वासवानी, कन्हैया सोनी, संजय नॉतनानी, मनोज नोतनानी, राम बाबानी, हरीश लालवानी, दीपक खेमानी, गुलशन तुलसानी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।