जनकपुरी महोत्सव: जनक मंच पर भक्ति और संस्कृति का संगम, प्रस्तुतियों ने बांधा समां
आगरा के कमला नगर में आयोजित जनकपुरी महोत्सव में गुरुवार शाम जनक मंच पर हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भक्तिमय और उल्लासपूर्ण वातावरण बना दिया। भजनों, नृत्यों और लोकगीतों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और रामभक्ति की अविरल धारा प्रवाहित कर दी।
आगरा। जनकपुरी महोत्सव के अंतर्गत कमला नगर में आयोजित सांस्कृतिक संध्या भक्ति और संस्कृति का अनोखा संगम लेकर आई। सरला भारद्वाज के निर्देशन में सरस्वती विद्या मंदिर, कमला नगर के 30 छात्रों ने "मंगल भवन अमंगल हारी..." की भव्य प्रस्तुति दी। छात्रों ने अपनी भूमिकाओं, अभिनय और नृत्य के जरिए श्रीराम की बारात के इस ऐतिहासिक प्रसंग को जीवंत कर दिया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य कृष्ण कांत द्विवेदी ने छात्रों की इस अनुपम प्रस्तुति पर गर्व व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई दी। इस कार्यक्रम ने दर्शकों को भक्ति और सांस्कृतिक उत्सव का अद्वितीय अनुभव कराया।
कार्यक्रम की शुरुआत अविरल यादव, अंशुल कुशवाह और अंश गुप्ता की- गाइए गणपति जग वंदन...प्रस्तुति से हुई, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया।
भजन गायिका ललिता करमचंदानी ने- राम का गुणगान करिए... और रामजी से पूछे जनकपुर के नारी.... जैसे भोजपुरी लोकगीतों से सभी को भावविभोर कर दिया। उन्होंने बताया कि सीता जी बिहार की थीं, इसलिए भोजपुरी लोक परंपरा में राम जी को दामाद मानकर गारी और उलाहना देने की परंपरा प्रचलित है।
इसके बाद डॉ. आशीष त्रिपाठी ने चलो भाई राम भरोसे... और राम जी की निकली सवारी... जैसे लोकप्रिय भजनों से श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया।
रेनू अग्रवाल के निर्देशन में गौरी इवेंट्स द्वारा प्रस्तुत श्रीकृष्ण महारास और मयूर नृत्य ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं विशाल आर्ट ग्रुप की मनमोहक प्रस्तुतियों ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों का कुशल संचालन रीनेश मित्तल और श्रुति सिन्हा ने किया।