जया मदान ने दिए दीपावली के वास्तु मंत्र, बोले– सकारात्मक ऊर्जा से ही खुलते हैं समृद्धि के द्वार
आगरा। दीपावली पर्व पर घर और कार्यस्थल को वास्तु के अनुरूप सजाने से न केवल सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है बल्कि आर्थिक समृद्धि और मानसिक शांति का मार्ग भी प्रशस्त होता है। यही संदेश रविवार को प्रसिद्ध वास्तु विशेषज्ञ और मोटिवेशनल स्पीकर जया मदान ने होटल मुगल शैरेटन में जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन द्वारा आयोजित दीपावली मीट में दिया। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि दीपोत्सव केवल रोशनी का नहीं, बल्कि आत्मिक जागृति और ऊर्जावान जीवन का प्रतीक है।
जया मदान ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि दीपावली का पर्व घरों से नकारात्मकता हटाकर नई ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने बताया कि वास्तु शास्त्र में उत्तर पूर्व दिशा को अत्यंत शुभ माना गया है, इसलिए इस दिशा को स्वच्छ, रोशन और शांत रखना चाहिए। पूजा स्थल में हल्के रंगों का प्रयोग और ताजे पुष्पों की सजावट सकारात्मक तरंगों को आकर्षित करती है।
उन्होंने कहा कि घर की स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और सुगंध संतुलन समृद्धि से जुड़ी होती है। दीपावली से पहले अनावश्यक वस्तुओं को निकाल देना चाहिए, क्योंकि यह ठहरी हुई ऊर्जा को दूर कर नई संभावनाओं का द्वार खोलता है।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर पीएनसी के डाइरेक्टर योगेश जैन, नितिन जैन मार्सन्स, मेघना जैन, तनु जैन, अनुराग जैन और अक्षत जैन सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। जया मदान ने जीवन में सकारात्मक सोच विकसित करने के व्यावहारिक उपाय भी साझा किए और कहा कि जब विचारों में प्रकाश होगा, तभी जीवन में लक्ष्मी का वास होगा।
योगेश जैन ने जीटो के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज को न केवल ज्ञानवर्धक अनुभव देते हैं, बल्कि संस्कृति और परंपराओं से भी जोड़ते हैं। उन्होंने सभी को दीपोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दीपावली आत्मा के उत्सव का अवसर है।
अतिथियों का स्वागत नितिन जैन ने किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मनोज जैन, प्रदीप जैन, हीरालाल बैनाड़ा, सुरेन्द्र जैन और सीए एससी जैन उपस्थित रहे।
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