चांद दिखते ही शुरू हुआ इबादत का सफ़र, गुरुवार से शुरू हो रहा रमजान का पाक महीना
-रमेश कुमार सिंह- बरेली (उत्तर प्रदेश)। चांद दिखाई देने की पुष्टि के साथ ही इस्लाम धर्म का सबसे पवित्र महीना रमजान कल (गुरुवार) से आरंभ होने जा रहा है। बुधवार सायं चांद नजर आने के बाद शहर की मस्जिदों और मुस्लिम बहुल इलाकों में इबादत की तैयारियां तेज हो गईं। रमजान को रोज़ा, नमाज़, सब्र, इबादत, परोपकार और दान का महीना माना जाता है, जिसमें मुसलमान अल्लाह की रज़ा के लिए पूरे दिन रोज़ा रखते हैं और सूर्यास्त के बाद इफ्तार करते हैं।
चांद दिखने की खबर मिलते ही देर रात तक बाजारों में खजूर, फल, सेवइयां और इफ्तार से जुड़ी वस्तुओं की खरीदारी होती रही। बरेली के प्रमुख बाजारों में खासा उत्साह देखने को मिला। मस्जिदों में विशेष साफ-सफाई, रोशनी और तरावीह नमाज़ की व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रशासन की ओर से भी शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई है।
रमजान के दौरान जरूरतमंदों की मदद और जकात देने का विशेष महत्व होता है। रोजेदार सुबह सहरी कर दिनभर इबादत और संयम के साथ रोज़ा रखते हैं। शहर भर में धार्मिक माहौल बन गया है और रोजेदारों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
दरगाह आला हजरत के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि चांद दिखने के ऐलान के बाद मुस्लिम समाज ने एक-दूसरे को रमजान शरीफ की मुबारकबाद दी और इबादत का सिलसिला शुरू हो गया। दरगाह प्रमुख हज़रत मौलाना सुभान रज़ा खान (सुभानी मियां) और सज्जादानशीन मुफ़्ती अहसन रज़ा क़ादरी (अहसन मियां) ने देशवासियों को रमजान की मुबारकबाद दी।
सज्जादानशीन मुफ़्ती अहसन मियां ने रमजान की फ़ज़ीलत बताते हुए कहा कि सहरी करना सुन्नत है और इसकी व्यवस्था अवश्य की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अल्लाह के रसूल ने फरमाया कि बिना बीमारी या वैध कारण के रमजान का रोज़ा छोड़ने वाले को उसका पूरा सवाब कभी प्राप्त नहीं हो सकता, इसलिए मुसलमान पूरे महीने खुशदिली से रोज़ा रखकर अपने रब को राज़ी करें।
चांद देखने की पुष्टि के समय दरगाह परिसर में विशेष इंतज़ाम किए गए थे। इस अवसर पर मुफ़्ती सलीम नूरी, मुफ़्ती ज़ईम रज़ा, शाहिद नूरी, परवेज़ नूरी, अजमल नूरी, औरंगज़ेब नूरी, ताहिर अल्वी, हाजी जावेद खान, मंज़ूर रज़ा, शान रज़ा, अबरार-उल-हक़, अब्दुल माजिद, आलेनबी, जोहिब रज़ा, साजिद रज़ा, सुहैल रज़ा, इशरत नूरी, सैय्यद माजिद, अरबाज़ रज़ा, आरिफ नूरी, साकिब रज़ा, शाद रज़ा, तारिक सईद, मुजाहिद बेग, काशिफ सुभानी, अशमीर रज़ा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
Top of Form
Bottom of Form
Top of Form
Bottom of Form
Top of Form
Bottom of Form