आगरा में हुए न्यायिक संवाद कार्यक्रम में न्यायमूर्ति श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति मेहरोत्रा बोले- न्यायिक सुधार अभी अधूरे, अधिवक्ता–समाज की साझी भूमिका जरूरी
आगरा। न्याय व्यवस्था में तकनीकी और प्रक्रियागत सुधारों के बावजूद अभी व्यापक सुधार और कानूनों में समयानुकूल बदलाव की आवश्यकता है। इसके लिए केवल न्यायपालिका ही नहीं, बल्कि अधिवक्ताओं और समाज के सक्रिय सहयोग की भी अहम भूमिका है। यह विचार रविवार को आयोजित न्यायिक संवाद कार्यक्रम में उच्च न्यायिक पदों पर रहे अतिथियों ने व्यक्त किए।
कैप्टन शुभम फाउंडेशन द्वारा समाज में न्यायिक व्यवस्था के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से रविवार को न्यायिक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सक्षम डाबर मेमोरियल फाउंडेशन के सहयोग से त्रिवेणी फार्म, अरतौनी में हुए इस संवाद में न्यायपालिका, अधिवक्ता जगत और समाज के प्रबुद्ध नागरिकों की उल्लेखनीय सहभागिता रही।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति नलिन श्रीवास्तव एवं राज्य मानवाधिकार आयोग के सदस्य न्यायमूर्ति राजीव लोचन मेहरोत्रा ने अपने संबोधन में कहा कि न्याय प्रणाली में तेजी से परिवर्तन हो रहे हैं, लेकिन न्याय तक शीघ्र पहुंच, कानूनी प्रक्रियाओं का सरलीकरण और नए कानूनों में आवश्यक संशोधन अभी अपेक्षित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन सुधारों की सफलता अधिवक्ताओं की भूमिका और समाज की जागरूकता से ही संभव है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रमुख उद्यमी एवं विचारक पूरन डावर (चेयरमैन, पादुका एवं चर्म उद्योग विकास परिषद, भारत सरकार) ने आगरा में औद्योगिक विस्तार के मार्ग में आने वाली कानूनी अड़चनों को रेखांकित किया और उनके व्यावहारिक समाधान भी प्रस्तुत किए।
भारत विकास परिषद के क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ. तरुण शर्मा ने विषय प्रवर्तन करते हुए प्राचीन भारतीय न्याय व्यवस्था की श्रेष्ठताओं का उल्लेख किया और कैप्टन शुभम फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे कार्यों व “न्यायिक संवाद” की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। परिषद के क्षेत्रीय संरक्षक केशव दत्त गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत किया।
आगरा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एड. सुभाष बाबू परमार ने आभार व्यक्त किया। मंच पर आगरा के प्रभारी जनपद न्यायाधीश पुष्कर उपाध्याय एवं बार एसोसिएशन के सचिव एडवोकेट विनोद शुक्ला भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एडवोकेट बसंत गुप्ता एवं धर्म गोपाल मित्तल ने किया।
कार्यक्रम में शहर के अनेक गणमान्य नागरिक, विशेषकर न्यायिक क्षेत्र से जुड़े वरिष्ठजन, लंबे समय बाद न्यायमूर्ति नलिन श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति राजीव लोचन मेहरोत्रा को अपने बीच पाकर भावुक दिखे। उल्लेखनीय है कि दोनों न्यायमूर्ति पूर्व में आगरा के जनपद न्यायाधीश के रूप में सेवाएं दे चुके हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ताओं का सम्मान
इस अवसर पर न्यायिक क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने वाले वरिष्ठ अधिवक्ताओं का अभिनंदन किया गया। सम्मानित अधिवक्ताओं में प्रताप स्वामी मेहरा, देवेंद्र बाजपेई, इंद्रभान सिंह, बनवारी लाल अग्रवाल, करतार सिंह भारती, विजय शर्मा, गिरवर नारायण अग्रवाल, बलवीर सिंह, राम मोहन कोटिया, अनिल वर्मा, अविनाश शर्मा एवं धर्मवीर सिंह प्रमुख रहे।
इनकी रही विशिष्ट उपस्थिति
कार्यक्रम में डॉ. ज्ञान प्रकाश, डॉ. डीवी शर्मा, डॉ. पंकज महेंद्रू, डॉ. एके गुप्ता, धन कुमार जैन, डॉ. कैलाश चंद्र सारस्वत, वीरेंद्र सिंघल, टीटू गोयल, विनय सिंघल, हरिनारायण चतुर्वेदी, नितेश अग्रवाल, डॉ. अमित सिंहल, राजीव वासन, अतुल गुप्ता सहित अनेक प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ से हुई, जिसे श्रीमती गुंजन अग्रवाल, अंजू सिंघल, नीलिमा शर्मा, दीपा गर्ग, पुष्पा गुप्ता एवं निहारिका अग्रवाल ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में तपन अग्रवाल, रोहित पुरी, विनय सिंह, प्रशांत अग्रवाल, अखिलेश भटनागर, मुकेश मित्तल, जितेंद्र मित्तल एवं ऋषभ गुप्ता का महत्वपूर्ण योगदान रहा।