कंगना रनौत केस में कोर्ट द्वारा न्यू आगरा पुलिस से 16 दिसंबर से पहले आख्या तलब
किसानों के प्रति कथित अमर्यादित टिप्पणी मामले में फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ चल रही न्यायिक कार्यवाही में स्पेशल कोर्ट एमपी-एमएलए आगरा ने न्यू आगरा थाना पुलिस को दोबारा आख्या प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने धारा 225 के प्रावधानों के अंतर्गत दोनों पक्षों की स्थिति स्पष्ट करने को कहा है और 16 दिसंबर 2025 से पूर्व रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल करने का निर्देश दिया है।
आगरा। किसानों के प्रति कथित अपमानजनक टिप्पणी और उसके स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशित होने को लेकर दायर परिवाद में अभिनेत्री कंगना रनौत की मुश्किलें बरकरार हैं। सोमवार को स्पेशल कोर्ट एमपी-एमएलए न्यायाधीश अनुज कुमार सिंह ने न्यू आगरा थाना प्रभारी को आदेश पत्र जारी कर मामले की कानूनी स्थिति (आख्या) तलब की है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि निगरानी न्यायालय ने निगरानी संख्या 461/25 में 12 नवंबर 2025 को पारित आदेश के तहत, विचारण न्यायालय द्वारा 6 मई 2025 को पारित आदेश को खारिज कर दिया है और मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 223 एवं 225 के अनुसार आवश्यक अनुपालन करने को कहा है।
परिवादी अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा द्वारा आरोप लगाया गया है कि विपक्षी कंगना रनौत ने किसानों के प्रति अमर्यादित टिप्पणी की थी, जो बाद में समाचार पत्रों में भी प्रकाशित हुई। साथ ही यह भी उल्लेख किया गया कि कंगना रनौत हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की निवासी हैं।
कोर्ट ने कहा- गुण-दोष के आधार पर निर्णय से पहले आवश्यक है अन्वेषण
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि परिवाद में लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। इसलिए गुण-दोष के आधार पर आदेश पारित करने से पूर्व धारा 225(1) बीएनएसएस के अंतर्गत मामले का अन्वेषण कराया जाना न्यायहित में उचित है।
इस आधार पर कोर्ट ने थाना न्यू आगरा को निर्देश दिया है कि प्रस्तुत परिवाद में अंतर्गत धारा 225(1) BNSS के तहत अन्वेषण कर 15 दिनों के भीतर अपनी आख्या न्यायालय में प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।