कान्हा अटा चढ़ि चंग उड़ावत हो..., श्रीप्रेमनिधि मंदिर में मनी मकर संक्रांति
आगरा। कान्हा अटा चढ़ि चंग उड़ावत हो, अपुने आंगन हू ते हेरो, लोचन चार भए नंदनंदन काम कटाक्ष भयो भटु मेरो….अभयंग स्नान कर साज सिंगार श्याम सुभग तन, पुण्यकाल तिलवा भोग घर के प्रेम सों बीरी अरोगावत निज जन। पुष्टिमार्ग के इन्हीं पदों के साथ नाई की मंडी स्थित श्रीप्रेमनिधि मंदिर में मकर संक्रांति पर्व मनाया गया।
सूर्य देव के उत्तरायण प्रवेश के स्वागत पर्व के रूप मकर संक्रांति को मनाते हुए मुख्य सेवायत हरिमोहन गोस्वामी ने ठाकुर श्याम बिहारी जी के समक्ष पतंग धरायी। राज भोग में विभिन्न व्यंजनों के साथ तिल के लड्डुओं का भोग अर्पित हुआ। उन्होंने बताया कि तिल की सामग्री में एक तिल दूसरे तिल से जितना निकट है, उतने की प्रभु अपने निजजन को निकटता प्रदान करते हैं।
मंदिर परिसर को रंग बिरंगी पतंगों से सजाया गया था। सांझ ढले गौधूलि बेला में ठाकुर जी को विभिन्न पदों से रिझाया गया, जिसमें विशेषकर पतंग उड़ाने के पद सम्मलित थे। विशेष अलंकारों से अलंकृत ठाकुर जी की शोभा देख हर कोई बस एकटक निहारता ही रहा। खिचड़ी महोत्सव के रूप में प्रसादी में भक्तों को खिचड़ी बांटी गयी। विशेष बात यह रही कि सभी भोग सेवा मंदिर परिसर में ही तैयार किए गए। इस अवसर पर व्यवस्थाएं सुनीत गोस्वामी, दिनेश पचौरी, आशीष पचौरी, अमित शर्मा आदि ने संभालीं।