करणी सेना का अल्टीमेटम, यूजीसी एक्ट वापस लो या आंदोलन झेलो, 8 मार्च को दिल्ली कूच का ऐलान

आगरा के एत्मादपुर में क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत ने यूजीसी रेगुलेशन एक्ट 2026 के विरोध में प्रेसवार्ता की। उन्होंने इस कानून को संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 का उल्लंघन बताते हुए भाजपा को वोट न देने की शपथ दिलाई और 8 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़े आंदोलन का ऐलान किया। साथ ही जिलाधिकारी को 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया और सरकार से एक्ट वापस लेने की मांग की गई।

Feb 17, 2026 - 14:35
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करणी सेना का अल्टीमेटम, यूजीसी एक्ट वापस लो या आंदोलन झेलो, 8 मार्च को दिल्ली कूच का ऐलान
करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत व अन्य यूजीसी एक्ट के खिलाफ जिलाधिकारी को ज्ञापन देते हुए।

आगरा। एत्मादपुर पहुंचे क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत ने यूजीसी रेगुलेशन एक्ट 2026 के विरोध में केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सामान्य वर्ग (सवर्ण समाज) के हितों की रक्षा का दावा करते हुए कहा कि यह कानून संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 का उल्लंघन करता है।

डॉ. शेखावत ने मंच से भाजपा को वोट न देने की शपथ भी दिलाई और 8 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल आंदोलन का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन सवर्ण समाज समन्वय समिति के बैनर तले आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर से बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे।

8 मार्च को दिल्ली में शक्ति प्रदर्शन

डॉ. शेखावत ने घोषणा की कि 8 मार्च को रामलीला मैदान, दिल्ली में सवर्ण समाज यूजीसी रेगुलेशन एक्ट 2026 के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन करेगा। उन्होंने कहा कि इस एक्ट में कई गंभीर विसंगतियां हैं, जिन्हें लिखित रूप में सरकार को भेजा गया है, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे पर “मौन” है, जबकि यह मामला लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा हुआ है।

जिलाधिकारी को सौंपा 10 सूत्रीय ज्ञापन

कार्यक्रम के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी आगरा को 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में एक्ट को तत्काल वापस लेने, उसमें संशोधन करने और सामान्य वर्ग के छात्रों के अधिकारों की रक्षा की मांग की गई। डॉ. शेखावत ने कहा कि सभी जिलों में डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजे जा रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में स्टे दे रखा है, इसके बावजूद सरकार ने स्पष्ट रुख नहीं अपनाया है।

“सामान्य वर्ग के छात्रों के हितों की लड़ाई”

सवर्ण समाज समन्वय समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि उनका अभियान किसी जाति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि सामान्य वर्ग के छात्रों के अधिकारों और समान अवसरों की रक्षा के लिए है। डॉ. शेखावत ने कहा कि सरकार को चाहिए कि पहले एक्ट को वापस ले, फिर सभी पक्षों से चर्चा कर विसंगतियां दूर करे। जब तक ऐसा नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा।