केसी जैन की याचिका रंग लाई, सड़क दुर्घटनाओं के घायलों को मिलेगा त्वरित कैशलेस इलाज
आगरा। सड़क दुर्घटनाओं के घायलों के लिए एक ऐतिहासिक राहत की घोषणा हो चुकी है। सुप्रीम कोर्ट की सक्रियता और आगरा के वरिष्ठ अधिवक्ता केसी जैन की जनहित याचिका के चलते भारत सरकार ने एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की है, जिसके तहत सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को अब 1.5 लाख रुपये तक का नकद रहित (कैशलेस) इलाज मिलेगा।
-सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना
यह व्यवस्था मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 162(2) के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा 5 मई 2025 को अधिसूचना के रूप में लागू की गई। मंगलवार को इस योजना को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिसमें सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से एक शपथपत्र भी दाखिल किया गया। अदालत ने इस पर संतोष व्यक्त किया और केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता की सराहना की।
यह योजना विशेष रूप से गोल्डन ऑवर (दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा) में तत्काल इलाज की गारंटी देती है, जिससे हजारों लोगों की जान बचाई जा सकेगी। योजना में न केवल आर्थिक सुरक्षा बल्कि अस्पतालों में बिना किसी दस्तावेजी झंझट के त्वरित उपचार सुनिश्चित किया गया है।
इस ऐतिहासिक कदम का श्रेय आगरा के वरिष्ठ अधिवक्ता केसी जैन को जाता है, जिन्होंने अक्टूबर 2023 में सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर इस योजना के शीघ्र क्रियान्वयन की मांग की थी। न्यायमित्र गौरव अग्रवाल की सकारात्मक भूमिका और सुप्रीम कोर्ट की पीठ, न्यायमूर्ति अभय एस. ओका एवं न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयाँ की गंभीरता ने इस प्रयास को साकार किया।
अब यह योजना पूरे देश के लिए लागू हो चुकी है, जिससे सड़क हादसों के बाद समय पर इलाज की सुविधा आम नागरिकों को बिना आर्थिक बोझ के मिल सकेगी। यह न केवल एक स्वास्थ्य नीति है, बल्कि यह जीवन रक्षा की दिशा में उठाया गया मानवीय कदम भी है।