अपह्रत किशोरी सात साल में भी बरामद नहीं हुई थी, आरोपी कोर्ट से बरी
आगरा। जिले के मलपुरा थाना क्षेत्र में एक 15 वर्षीय किशोरी के अपहरण और पॉक्सो एक्ट के मामले में आरोपी कालू पुत्र अजीत निवासी सत्य नगर, थाना मलपुरा को साक्ष्य के अभाव में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट दिनेश कुमार चौरसिया ने बरी कर दिया।
-घटना के चश्मदीद गवाहों को अदालत में पेश नहीं कर पाया अभियोजन पक्ष
थाना मलपुरा में दर्ज मामले के अनुसार वादी की 15 वर्षीया अवयस्क पुत्री 21 जनवरी 2016 की सुबह 6 बजे शौच हेतु खेतों की तरफ जा रही थी। उसी दौरान आरोपी कालू पुत्र अजीत निवासी सत्य नगर, थाना मलपुरा एवं अन्य जबरन वादी की पुत्री को ऑटो में डाल अपहरण कर ले गये। पड़ोस में रहने वाले मांगे लाल एवं सुरेंद्र द्वारा अवगत कराने पर वादी एवं उसकी पत्नी के आरोपी के घर शिकायत करने जाने पर उसके परिजनों द्वारा वादी एवं उसकी पत्नी से गाली गलौज एवं अभद्रता कर भगा दिया गया।
वादी की तहरीर पर पुलिस ने अपहरण, पॉक्सो एक्ट एवं अन्य धाराओं में आरोपी एवं अन्य के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने पीड़िता की खोजबीन हेतु उसके फोटो सहित पम्पलेट छप वा कर कई जगह चस्पा कर लोगों से जानकारी देने को कहा। बाल कल्याण समिति, सोशल मीडिया, आकाशवाणी केंद्र, दूरदर्शन केंद्र लखनऊ में भी पीड़िता की फोटो प्रेषित कर उसके बारे में लोगों से जानकारी देने का आग्रह किया। सात वर्ष में भी पीड़िता का पता नहीं लगने पर पुलिस ने विवेचना समाप्त कर आरोपी कालू के विरुद्ध ही आरोप पत्र अदालत में पेश कर दिया।
उक्त मामले में अभियोजन की तरफ से वादी मुकदमा, उसकी पत्नी सहित छह गवाह अदालत में प्रस्तुत किये गए। अभियोजन पक्ष घटना के चश्मदीद मांगे लाल एवं सुरेंद्र को गवाह के रूप में अदालत में पेश करने में विफल रहा।
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट दिनेश कुमार चौरसिया ने साक्ष्य के अभाव एवं आरोपी के अधिवक्ता सतेंद्र पाल सिंह चौहान के तर्क पर आरोपी को बरी कर दिया।