कुशवीर का सवाल- हम दो भाई तो गमी से लौट रहे थे, पुलिस ने रास्ते से उठाकर क्यों पीटा?
आगरा। शमसाबाद रोड के नौफरी गांव में महाराणा प्रताप जयंती के आयोजन को लेकर हुए पुलिसिया तांडव में अब भी पुलिस की बर्बरता के नए मामले सामने आ रहे हैं। चार दिन पहले हुए इस घटनाक्रम में अब दिगनेर गांव के दो निर्दोष युवक कुशवीर और उनके भाई जितेंद्र सामने आए हैं, जिन्हें पुलिस ने सड़क से उठाकर बेरहमी से पीटा।
-नौफरी कांड में पुलिसिया कहर का शिकार हुए दो और निर्दोष सामने आए
कुशवीर ने बताया कि वे अपनी बहन की सास की मृत्यु होने पर वे गमी में शामिल होने के लिए आगरा गये हुए थे। ग़मी में शामिल होकर अपने गांव दिगनेर लौट रहे थे। जैसे ही उनकी बाइक नौफरी के पास पहुंची, अचानक एसीपी लिखी एक पुलिस गाड़ी उनकी बुलट के सामने लगाकर उन्हें रोक लिया गया। कुछ समझने से पहले ही पुलिसकर्मियों ने उन्हें बुलट से खींचकर गाड़ी में डाल लिया।
बकौल कुशवीर, पुलिस वालों ने जब उन्हें बाइक से खींचा तो उन्होंने पूछा कि क्या हो गया, उन्हें क्यों पकड़ रहे हैं। वे लगातार अपनी सफाई देते रहे, मगर किसी ने नहीं सुनी। पुलिस वाले उन्हें ले गये और अपनी गाड़ी में ठूंस दिया।
उनके अनुसार, पुलिस उन्हें चौकी पर ले गई और वहां दोनों भाइयों को डंडों से बेरहमी से पीटा गया। कुशवीर ने कहा, हम दोनों भाई चिल्लाते रहे कि हमें क्यों पीटा जा रहा है, हम तो आगरा से अपने गांव जा रहे थे, नौफरी के कार्यक्रम से उनका दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है, मगर हमारी पुलिस वालों ने एक न सुनी।
इस मामले ने आगरा पुलिस की कार्यशैली पर निरंतर सवाल खड़े हो रहे हैं। पहले ही कई वीडियो वायरल हो चुके हैं, जिनमें पुलिस घरों में घुसकर तोड़फोड़ और महिलाओं के साथ बदसलूकी करती नजर आई थी। अब निर्दोष राहगीरों को भी शिकार बनाने के मामले सामने आने लगे हैं।