लालू परिवार की कलह आई सामने, बेटी रोहिणी आचार्य ने राजनीति और परिवार से तोड़ा नाता
बिहार चुनाव 2025 में राजद की करारी हार के बाद लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने एक्स (पहले ट्विटर) पर राजनीति और परिवार से नाता तोड़ने का ऐलान किया है। उन्होंने अपने इस विस्फोटक फैसले के पीछे संजय यादव और रमीज का नाम लिया, जिससे इन दोनों किरदारों को लेकर सियासी गलियारों में हलचल मच गई है।
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मिली करारी हार के बाद लालू यादव के परिवार में कलह खुलकर सामने आ गई है। लालू की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर ऐलान किया कि वह राजनीति छोड़ रही हैं और परिवार से भी नाता तोड़ रही हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, 'संजय यादव और रमीज ने मुझसे यही करने को कहा था और मैं सारा दोष अपने ऊपर ले रही हूं।' रोहिणी आचार्य के इस ऐलान ने पार्टी और परिवार के भीतर की खटपट बाहर आ गई। तेजस्वी यादव की 'कोर टीम' को रोहिणी ने निशाने पर रखा।
रोहिणी आचार्य ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में जिस संजय यादव का नाम लिया है वो तेजस्वी यादव के सबसे खास रणनीतिकार और सलाहकार माने जाते हैं। हरियाणा के महेंद्रगढ़ के मूल निवासी हैं और कंप्यूटर साइंस में मास्टर्स की डिग्री रखते हैं। मैनेजमेंट और डेटा एनालिसिस में मजबूत पकड़ रखने वाले संजय, 2013 से तेजस्वी के राजनीतिक करियर को संवार रहे हैं। वर्तमान में, वो राजद की ओर से राज्यसभा सांसद हैं। लालू परिवार में उनकी भूमिका को लेकर पहले भी नाराजगी सामने आ चुकी है, जिसमें तेजस्वी के बड़े भाई तेज प्रताप यादव उन्हें 'जयचंद' तक कह चुके हैं और आरोप लगा चुके हैं कि संजय के चलते ही उन्हें पार्टी और परिवार से बेदखल किया गया।
रोहिणी आचार्य के पोस्ट में संजय यादव के साथ रमीज का नाम भी सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रमीज या रमीज नेमत खान उत्तर प्रदेश के बलरामपुर के निवासी हैं और तेजस्वी यादव की कोर टीम का हिस्सा हैं। वो तेजस्वी के कैंपेनिंग और डेली रूटीन से जुड़े काम देखते हैं। रमीज को भी तेजस्वी के पुराने दोस्तों में गिना जाता है और वो पार्टी के सोशल मीडिया और चुनाव प्रबंधन में भी शामिल रहे हैं। वो समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद रिजवान जहीर के दामाद हैं।
रोहिणी आचार्य ने सीधे तौर पर इन दोनों का नाम लेकर ये संकेत दिया है कि पार्टी की चुनावी हार के बाद नेतृत्व और रणनीतिकार ही परिवार में कलह का केंद्र बन गए हैं। रोहिणी और तेज प्रताप दोनों ने ही इन सलाहकारों पर परिवार में फूट डालने का आरोप लगाया है, जिससे ये जाहिर होता है कि पार्टी के प्रमुख फैसलों में इन दोनों सलाहकारों का दखल लालू परिवार के अन्य सदस्यों को नागवार गुजर रहा है।