ब्रज प्रवास के अंतिम दिन गोवर्धन में नंगे पांव चलीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, दानघाटी मंदिर में किया गिरिराज जी का दुग्धाभिषेक, गोल्फ कार्ट से की सप्तकोषीय परिक्रमा, राष्ट्रपति का तीन दिवसीय ब्रज दौरा बना आस्था का महाकुंभ, मंदिरों में दर्शन से लेकर संतों के सान्निध्य तक गूंजा आध्यात्मिक संदेश

मथुरा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शनिवार तड़के गिरिराज महाराज की नगरी गोवर्धन पहुंचीं, जहां उन्होंने दानघाटी मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देश की सुख-समृद्धि और मंगलकामना के लिए आशीर्वाद मांगा। राष्ट्रपति के आगमन से पूरा गोवर्धन भक्तिमय और उत्सवमय माहौल में डूब गया। राष्ट्रपति का तीन दिवसीय ब्रज प्रवास आस्था, भक्ति और आध्यात्मिकता का अनूठा संगम बन गया। 19 मार्च को अयोध्या में रामलला के दर्शन से शुरू हुआ यह दौरा वृंदावन के संतों के सान्निध्य और गोवर्धन में गिरिराज जी की सप्तकोसीय परिक्रमा के साथ पूर्ण हुआ, जहां नंगे पांव चलते हुए राष्ट्रपति का भक्तिभाव देख लोग भावविभोर हो उठे।

Mar 21, 2026 - 12:41
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ब्रज प्रवास के अंतिम दिन गोवर्धन में नंगे पांव चलीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, दानघाटी मंदिर में किया गिरिराज जी का दुग्धाभिषेक, गोल्फ कार्ट से की सप्तकोषीय परिक्रमा, राष्ट्रपति का तीन दिवसीय ब्रज दौरा बना आस्था का महाकुंभ, मंदिरों में दर्शन से लेकर संतों के सान्निध्य तक गूंजा आध्यात्मिक संदेश
गोवर्धन की सड़कों पर नंगे पांव चलकर लोगों का अभिवादन स्वीकार करतीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु।

शनिवार सुबह गोवर्धन में दानघाटी मंदिर में पूजा अर्चना करतीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु। 

शनिवार सुबह घने कोहरे के बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का काफिला गोवर्धन पहुंचा। कोहरे के कारण सड़क पर वाहन रेंगते हुए नजर आए, लेकिन इसके बावजूद राष्ट्रपति के स्वागत को लेकर उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी।

राष्ट्रपति के आगमन से पहले गोवर्धन-मथुरा मार्ग को भव्य रूप से सजाया गया। नगर के मुख्य द्वार, तिराहे और चौराहों को इस तरह सजाया गया मानो पूरा कस्बा दुल्हन की तरह सजा हो। जगह-जगह रंगोली बनाई गई, दीवारों पर आकर्षक चित्रकारी की गई और स्वागत के होर्डिंग्स से पूरा क्षेत्र सुसज्जित नजर आया।

दानघाटी मंदिर में पूजा अर्चना कर देश की सुख-समृद्धि की कामना

दानघाटी मंदिर पहुंचने पर मंदिर सेवायतों और वैदिक पंडितों ने राष्ट्रपति का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गिरिराज महाराज का पंचामृत से दुग्धाभिषेक कराया गया, जिसमें घी, दूध, दही और शहद का प्रयोग किया गया। पूजा से पूर्व चांदी के लोटे से जलाभिषेक भी किया गया। विधिवत पूजा-अर्चना के दौरान राष्ट्रपति ने धूप, दीप और पुष्प अर्पित किए तथा दंडवत प्रणाम कर देश और आमजन की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर राष्ट्रपति के परिवार के सदस्यों ने भी पूजा-अर्चना कर गिरिराज महाराज का आशीर्वाद लिया।

गोल्फ कार्ट में बैठकर गिरिराज जी की सप्तकोषीय परिक्रमा करतीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु।

गोवर्धन में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम

राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए थे। गोवर्धन के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा। दानघाटी मंदिर से लेकर आगमन मार्ग तक पूरे क्षेत्र को सुरक्षा के कड़े घेरे में रखा गया। एनएसजी कमांडो सहित बड़ी संख्या में सुरक्षा बल हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए थे।

राष्ट्रपति के आगमन की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों और तीर्थयात्रियों में उत्साह की लहर दौड़ गई। सुबह से ही लोग सड़कों के किनारे खड़े होकर राष्ट्रपति के दर्शन को आतुर नजर आए।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा और व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया ताकि राष्ट्रपति और श्रद्धालु दोनों इस धार्मिक यात्रा में सुरक्षित रूप से शामिल हो सकें। राष्ट्रपति का यह दौरा गोवर्धन में आस्था, श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम बन गया।

तीन दिवसीय यात्रा का आज अंतिम दिन

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के तीन दिवसीय ब्रज दौरे का आज अंतिम दिन है। उनके दौरे की शुरुआत 19 मार्च को अयोध्या से हुई, जहां उन्होंने श्रीराम मंदिर में रामलला के दर्शन कर आरती में भाग लिया। इसके बाद विशेष विमान से आगरा पहुंचकर सेना के हेलीकॉप्टर के माध्यम से मथुरा के मोतीकुंज हेलीपैड पर उतरीं और वहां से सड़क मार्ग द्वारा वृंदावन पहुंचीं।

वृंदावन में बिताए थे पहले दो दिन

वृंदावन में राष्ट्रपति की अगवानी उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल तथा प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों ने की थी। दौरे के दूसरे दिन 20 मार्च को राष्ट्रपति वृंदावन स्थित श्रीहित राधा केली कुंज पहुंचीं, जहां उन्होंने संत प्रेमानंद महाराज के सान्निध्य में आध्यात्मिक सत्संग किया। इसके बाद उन्होंने नीब करौरी बाबा की समाधि पर ध्यान लगाने के साथ श्रद्धासुमन अर्पित किए।

राष्ट्रपति ने अपने प्रवास के दौरान उड़िया बाबा आश्रम, दावानल कुंड और वात्सल्य ग्राम का भी भ्रमण किया। वात्सल्य ग्राम में उन्होंने साध्वी ऋतम्भरा (दीदी मां) द्वारा संचालित सेवा कार्यों का अवलोकन किया और वहां चल रहे सामाजिक प्रकल्पों की जानकारी ली।

इसके साथ ही राष्ट्रपति ने रामकृष्ण मिशन के रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम अस्पताल में नवनिर्मित कैंसर चिकित्सा खंड का उद्घाटन भी किया, जिससे ब्रज क्षेत्र के हजारों मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

गोवर्धन दौरे में एक भावुक दृश्य तब देखने को मिला जब राष्ट्रपति नंगे पांव गोवर्धन की सड़कों पर चलती नजर आईं। उनके इस भक्तिभाव को देखकर आसपास के घरों की छतों पर मौजूद लोग भावविभोर हो उठे। राष्ट्रपति रास्ते में लोगों का अभिवादन करती हुई आगे बढ़ती रहीं।

SP_Singh AURGURU Editor