आगरा में बच्चों को डायरिया से बचाने की अनूठी पहल ‘डायरिया से डर नहीं’ कार्यक्रम का शुभारंभ

आगरा। शून्य से पांच साल तक के बच्चों को डायरिया से सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से जनपद में एक अनूठी जनस्वास्थ्य पहल की गयी है। स्वास्थ्य विभाग के नेतृत्व में पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल-इंडिया (पीएसआई-इंडिया) और केनव्यू के सहयोग से गुरुवार को एक स्थानीय होटल में डायरिया से डर नहीं  कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने की।

Oct 16, 2025 - 22:04
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आगरा में बच्चों को डायरिया से बचाने की अनूठी पहल ‘डायरिया से डर नहीं’ कार्यक्रम का शुभारंभ
आगरा में गुरुवार को डायरिया से डर नहीं, कार्यक्रम में मौजूद सीएमओ डॊ. अरुण श्रीवास्तव एवं अन्य।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि शिशुओं और छोटे बच्चों की मृत्यु का एक प्रमुख कारण डायरिया है। इसे नियंत्रित करने के लिए स्टॉप डायरिया कैम्पेन को और प्रभावी बनाने हेतु यह पहल शुरू की गई है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समुदाय में जागरूकता बढ़ाना, व्यवहार परिवर्तन को प्रोत्साहित करना और दस्त प्रबंधन को प्रभावी बनाना है।

उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता, एएनएम, आंगनबाड़ी और देखभालकर्ताओं का क्षमतावर्धन किया जाएगा। बच्चों में ओआरएस और जिंक का वितरण सुनिश्चित किया जाएगा और डायरिया की शीघ्र पहचान व मामलों का उच्च कवरेज सुनिश्चित किया जाएगा।

पीएसआई-इंडिया के स्टेट हेड अमित कुमार और सीनियर प्रोग्राम मैनेजर अनिल द्विवेदी ने बताया कि आशा, आंगनबाड़ी, एएनएम और महिला आरोग्य समितियों के सदस्यों को डायरिया की पहचान, ओआरएस के महत्व, शीघ्र स्तनपान और छह माह तक केवल स्तनपान के लाभ पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
हाथ धोने की सही विधि सिखाई जाएगी और दीवार लेखन के माध्यम से जन-जन तक डायरिया से बचाव के प्रमुख संदेश पहुँचाए जाएंगे।

कार्यक्रम बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार (आईसीडीएस), शिक्षा विभाग और अन्य विभागों के साथ समन्वित रूप से चलाया जाएगा। निजी क्षेत्र के चिकित्सक और अस्पताल भी इस पहल से जुड़े हैं।

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (आर.सी.एच.) डॉ. सुरेन्द्र ने रोटा वायरस वैक्सीन और लिक्विड ओआरएस उपलब्धता की जानकारी भी साझा की। डॉ. ऋषि गोपाल ने कहा कि शिशु को जन्म के तुरंत बाद स्तनपान कराना और छह माह तक केवल मां के दूध पर निर्भर रखना अत्यंत आवश्यक है।

केनव्यू के सेल्फ केयर बिजनेस यूनिट हेड प्रशांत शिंदे ने बताया कि सरकार के डायरिया रोको अभियान को मजबूत बनाने के लिए ‘डायरिया से डर नहीं’ एक बहुवर्षीय पहल है।

SP_Singh AURGURU Editor