क्रिया-योग के गुरु योगीराज शैलेन्द्र शर्मा की जीवनगाथा का विमोचन, 69वें जन्मोत्सव पर दुनिया के सामने आई 'श्मशानवासी' की आध्यात्मिक यात्रा

-चंद्रकांत पाराशर- गोवर्थन (मथुरा)। क्रिया-योग की प्रामाणिक गुरु-शिष्य परंपरा के प्रमुख आचार्य योगीराज शैलेन्द्र शर्मा के 69वें जन्मोत्सव के अवसर पर उनकी आध्यात्मिक जीवन यात्रा पर आधारित पुस्तक 'शैलेन्द्र : एक श्मशानवासी की जीवन कथा' का विमोचन गोवर्धन स्थित सिद्ध सिद्धांत योग अकादमी परिसर में किया गया। लेखिका शुभ्रा पाठक शर्मा द्वारा लिखित यह पुस्तक योगीराज के जीवन, साधना, अनुभवों और क्रिया-योग के गूढ़ रहस्यों को समर्पित है। समारोह में देशभर से आए साधकों और श्रद्धालुओं की उपस्थिति के बीच आध्यात्मिक वातावरण में पुस्तक का लोकार्पण किया गया।

Jul 17, 2026 - 11:32
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क्रिया-योग के गुरु योगीराज शैलेन्द्र शर्मा की जीवनगाथा का विमोचन, 69वें जन्मोत्सव पर दुनिया के सामने आई 'श्मशानवासी' की आध्यात्मिक यात्रा

क्रिया-योग परंपरा के लिए ऐतिहासिक दिन

10 जुलाई 2026 को गोवर्धन के गंगा बाग कोठी, दस बीसा स्थित सिद्ध सिद्धांत योग अकादमी परिसर में आयोजित यह समारोह क्रिया-योग परंपरा के लिए विशेष महत्व का माना गया। कार्यक्रम योगीराज शैलेन्द्र शर्मा के 69वें जन्मोत्सव के साथ उनकी आध्यात्मिक जीवनी 'शैलेन्द्र : एक श्मशानवासी की जीवन कथा' के विमोचन के लिए समर्पित रहा।

पुस्तक की लेखिका शुभ्रा पाठक शर्मा ने योगीराज के व्यक्तित्व, साधना, जीवन में घटित घटनाओं और क्रिया-योग के गहन अनुभवों को शब्दों में संजोने का प्रयास किया है। इसे एक ऐसे कालजयी व्यक्तित्व का दस्तावेज बताया गया जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

महावतार बाबाजी की गुरु-शिष्य परंपरा के पांचवें गुरु

समारोह में वक्ताओं ने बताया कि योगीराज शैलेन्द्र शर्मा को अमर गुरु महावतार बाबाजी की प्रामाणिक गुरु-शिष्य परंपरा में पांचवें गुरु के रूप में प्रतिष्ठित माना जाता है। उन्होंने आधुनिक समय में क्रिया-योग को उसके वैज्ञानिक, आध्यात्मिक और गूढ़ स्वरूप में स्थापित करने का महत्वपूर्ण कार्य किया है।

पंचतीर्थ कुण्ड की दिव्य भूमि पर हुआ आयोजन

पुस्तक विमोचन समारोह गोवर्धन के ऐतिहासिक पंचतीर्थ कुण्ड परिसर में आयोजित किया गया। आयोजकों के अनुसार यह वही स्थान है जहां द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी पटरानियों की उत्तरक्रियाओं की पूर्णाहुति दी थी तथा श्रीकृष्ण के बालसखा उद्धव ने भागवत कथा का उपदेश दिया था।

आयोजकों ने बताया कि इसी परिसर में आदिनाथ भगवान शिव का अवधूत स्वरूप, आदिशक्ति का दिव्य स्थान, महावतार बाबाजी का नित्य निवास, पवनपुत्र हनुमान का जागृत विग्रह तथा भैरव शक्तियों की दिव्य उपस्थिति मानी जाती है।

समारोह का संचालन गायक, लेखक एवं अभिनेता गीत सागर ने किया। इस अवसर पर योगीराज के वरिष्ठ शिष्य विजयानंद नरवरिया तथा पुस्तक की लेखिका शुभ्रा पाठक शर्मा ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित किया।

योगीराज ने पुस्तक पर कही यह बात

अपने संबोधन में योगीराज शैलेन्द्र शर्मा ने कहा कि शुभ्रा पाठक उनकी भतीजी हैं और सात वर्ष की आयु से उनके साथ रहकर उन्होंने जीवन में घटित अनेक घटनाओं को निकट से देखा और समझा है।

उन्होंने कहा कि पुस्तक में वर्णित घटनाएं, अनुभव और प्रसंग केवल कथाएं नहीं हैं, बल्कि उनका यौगिक विश्लेषण भी प्रस्तुत किया गया है, जो सत्य की खोज करने वाले साधकों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगा।

संगीत, प्रकाश और आतिशबाजी से सजा समारोह

समारोह आध्यात्मिक वातावरण के बीच भव्यता के साथ संपन्न हुआ। योगीराज के मंचासीन होते ही संगीत की सुरमयी प्रस्तुतियां, रंग-बिरंगी रोशनी, आतिशबाजी और पूरे परिसर की साज-सज्जा ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया। श्रद्धालुओं ने गुरुदेव के आशीर्वचन प्राप्त किए और पुस्तक विमोचन के ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने।

विश्वभर के साधकों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी पुस्तक

वक्ताओं ने कहा कि योगीराज शैलेन्द्र शर्मा का जीवन स्वयं एक उपनिषद की तरह है। उनकी जीवनी के माध्यम से देश-विदेश के साधक क्रिया-योग विद्या के गूढ़ रहस्यों, अलौकिक अनुभवों तथा आध्यात्मिक साधना के उच्चतम आयामों से परिचित हो सकेंगे।

'शैलेन्द्र : एक श्मशानवासी की जीवन कथा' पुस्तक ऑनलाइन भी उपलब्ध कराई गई है। पुस्तक की जानकारी और उपलब्धता के लिए वेबसाइट है- https://www.shailendrasharmabooks.com/

SP_Singh AURGURU Editor