‘शब्दों का समय पथ’का लोकार्पण : संवेदनशील हृदय की यात्रा का दस्तावेज हैं काव्य कृतियां- प्रो. उमापति दीक्षित
देवनागरी साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था, आगरा के तत्वावधान में निखिल बुक कैफे, भावना मल्टीप्लेक्स में कवयित्री डॉ. सुकेशिनी दीक्षित के काव्य संग्रह ‘शब्दों का समय पथ’ का लोकार्पण साहित्यिक गरिमा, श्रेष्ठ वक्तव्यों और मनोहारी काव्य-पाठ के बीच हर्षोल्लास से सम्पन्न हुआ, जहाँ वरिष्ठ साहित्यकारों ने इस कृति को संवेदनशील हृदय की सृजनात्मक यात्रा का प्रामाणिक दस्तावेज बताया।
आगरा। निखिल बुक कैफे, भावना मल्टीप्लेक्स में देवनागरी साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था, आगरा द्वारा आयोजित भव्य समारोह में डॉ. सुकेशिनी दीक्षित की नवीन काव्य कृति ‘शब्दों का समय पथ’ का लोकार्पण प्रो. उमापति दीक्षित, डॉ. राजेन्द्र मिलन, राज बहादुर राज, डॉ. अशोक अश्रु विद्यासागर और ब्रज बिहारी लाल बिरजू द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. उमापति दीक्षित ने अपने वक्तव्य में कहा कि संवेदनशील हृदय की सफल यात्रा का प्रमुख दस्तावेज होती हैं काव्य कृतियां, और इसका सुंदर प्रतिबिंब ‘शब्दों का समय पथ’ में स्पष्ट रूप से देखने को मिलता है।
काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे डॉ. राजेन्द्र मिलन ने पुस्तक को यथार्थ जीवन के परिपक्व चरित्र-चित्रण से युक्त बताते हुए कहा कि यह कृति शब्द-शिल्प के अथाह समुद्र में गहन गोता लगाने वाली, पठनीय और रुचिकर रचना है।
वरिष्ठ कवि राज बहादुर राज ने अपने आशीर्वचन में छंदमुक्त रचनाओं पर विशेष लेखन को समय की आवश्यकता बताया।
विशिष्ट अतिथि ब्रज बिहारी लाल बिरजू ने इसे यथार्थ के पायदान पर गरजती, विशद और अनुदित आनंदित शिल्प” बताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह एक दिन सबके हृदयों में धड़कने लगेगी।
लोकार्पित कृति की सुंदर समीक्षा डॉ. अशोक अश्रु विद्यासागर ने सस्वर प्रस्तुत की, जिसने उपस्थितों का मन मोह लिया।
समारोह में शहर के प्रतिष्ठित कवि, साहित्यकार, शोधार्थी एवं गणमान्य नागरिक—रमा वर्मा श्याम, डॉ. यशोयश, राजीव शर्मा निस्पृह, अनिल अरोरा संघर्ष, डॉ. शेषपाल सिंह शेष, नरेन्द्र वर्मा, हरीश भदौरिया, शरद गुप्ता, राज फोजदार, भावना दीपक मेहरा, प्रीति यादव प्रीत, सुमन शर्मा, अल्का शर्मा, मन्नू शर्मा, गया प्रसाद मौर्य रजत, राम अवतार शर्मा, संजय शर्मा, राहुल मिलन, रामेन्द्र शर्मा रवि, अशोक कुमार गोयल, भानुप्रताप सिंह आदि ने तरन्नुम और तहत में अपनी कविताएँ प्रस्तुत कर वातावरण को भावपूर्ण बना दिया।
कार्यक्रम का प्रभावी संचालन कवि डॉ. यशोयश ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुकेशिनी दीक्षित द्वारा किया गया।