क्राइम पेट्रोल से सीखा तरीका, ऑफिस में दिया था अंजाम, मिंकी शर्मा मर्डर केस का पूरा खुलासा
आगरा में एचआर मैनेजर मिंकी शर्मा की हत्या उसके बॉयफ्रेंड और सहकर्मी विनय राजपूत ने शक, असुरक्षा और गुस्से में की। 17 जनवरी को साज़िश रची गई और 23 जनवरी की रात ऑफिस में हत्या को अंजाम दिया गया। शव को छिपाने की कोशिशें नाकाम रहीं। सीसीटीवी फुटेज और बरामद सबूतों के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जिसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
हत्यारे विनय का खूनी संकल्प, अगर मेरी नहीं हुई तो किसी की नहीं होगी, आगरा की एचआर मैनेजर मिंकी शर्मा की हत्या की पूरी कहानी
आगरा। आगरा की ट्रांस यमुना कॉलोनी में कामकाजी ज़िंदगी के बीच पनपा एक रिश्ता, आखिरकार खून से लथपथ हो गया। मेरठ की कंपनी दिविशा टेक्नोलॉजी में एचआर मैनेजर के पद पर कार्यरत मिंकी शर्मा और उसी कंपनी के अकाउंटेंट विनय राजपूत के बीच तीन साल में नज़दीकियां बढ़ीं। साथ काम करते-करते दोस्ती प्यार में बदली और विनय ने शादी तक का सपना देख लिया।
शुरुआत में मिंकी भी शादी के लिए तैयार दिखी। दोनों ने अपने-अपने घरों में बात भी की। मगर बीते छह महीनों में मिंकी का व्यवहार बदल गया। शादी की बात टलने लगी, फोन देर रात तक बिज़ी रहने लगा। यहीं से विनय के मन में शक और असुरक्षा ने जगह बना ली थी।
“अगर मेरी नहीं, तो किसी की नहीं”
पुलिस पूछताछ में विनय ने बताया कि उसे लगने लगा था कि मिंकी किसी और से बात करती है, जबकि खर्च वही उठाता है। यही सोच धीरे-धीरे गुस्से और फिर खौफनाक फैसले में बदल गई। 17 जनवरी को उसने हत्या की साज़िश रच ली थी। ऑफिस और बिल्डिंग के सीसीटीवी के तार काट दिए थे, ताकि कोई सबूत न बचे। फिर यमुना पार एक लोहार से नारियल काटने वाला तेज़ धार का चाकू खरीदा और उसे और पैना करवाया, इरादा साफ था।
23 जनवरी साजिश को अंजाम में बदला
23 जनवरी की दोपहर मिंकी भाई की शादी का कार्ड भेजने के लिए संजय प्लेस आई थी और शाम करीब 4 बजे ऑफिस पहुंची थी। ऑफिस बॉय को विनय ने छुट्टी पर भेज दिया था । दोनों में बातचीत हुई, जिसमें मिंकी ने बताया कि भाई की शादी के चलते वह 15 दिन ऑफिस नहीं आएगी। रात करीब 8 बजे, जब आसपास के दफ्तर बंद हो गए, विनय ने ऑफिस का गेट बंद कर लिया। इसी दौरान मिंकी ने विनय से शादी की शॉपिंग के लिए 1.5 लाख रुपये मांगे। यहीं विवाद बढ़ गया। गुस्से में विनय ने बैग से चाकू निकाला और मिंकी पर हमला कर दिया। वह वहीं गिर पड़ी। विनय के मुताबिक वह आधे घंटे तक शव के पास बैठा रहा। वह घबराया हुआ था।
शव छिपाने की दरिंदगी
हत्या के बाद उसने क्राइम पेट्रोल से सीखी बातें याद कीं। अगर पहचान न हो तो केस उलझ जाता है। इसी सोच के साथ उसने शव के साथ हैवानियत की हदें पार कीं। करीब दो घंटे तक ऑफिस की दीवारों और फर्श से खून साफ किया। शव को काली पन्नी और प्लास्टिक के बोरे में पैक किया। पैर बाहर निकल रहे थे, तो उन्हें काटकर अंदर मोड़ा।
रात करीब एक बजे बोरे को घसीटते हुए लिफ्ट से नीचे लाया और मिंकी की स्कूटी पर रखा। जवाहर पुल पहुंचा, लेकिन ग्रिल होने के कारण बोरा यमुना में नहीं फेंक सका। मजबूरन शव वहीं छोड़ दिया। इसके बाद झरना नाले के जंगल में जाकर बैग में रखा मिंकी का सिर नाले में फेंक दिया और स्कूटी वहीं छोड़कर घर चला गया।
ढोंग और गिरफ्तारी
विनय ने पुलिस को बताया कि रात करीब दो बजे घर पहुंचने के बाद वह मिंकी के भाई दीपक के साथ उसे ढूंढने भी निकल पड़ा। आगरा कैंट स्टेशन, थाने और एसएन मेडिकल कॉलेज तक। पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराने में भी साथ रहा। 24 जनवरी को बीमारी का बहाना बनाकर घर पर रहा। इधर जवाहर ब्रिज पर सिर कटी लाश मिलने से पुलिस हरकत में आई। 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए। एमजी रोड और हाईवे पर मिंकी की स्कूटी पर विनय की मौजूदगी कैमरों में कैद मिली। पुलिस ने मिंकी के भाई से फोन करवाकर विनय को ईदगाह रेलवे स्टेशन बुलाया और वहीं उसे दबोच लिया।
पुलिस का दावा: मजबूत सबूत
पुलिस हत्यारे विनय को गिरफ्तार करने के साथ ही दावा किया है कि आरोपी के घर से मिंकी के कपड़े और हत्या में इस्तेमाल चाकू बरामद हुए हैं। ऑफिस की दीवारों पर खून के छींटे भी मिले हैं। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास के अनुसार आरोपी के खिलाफ मजबूत साक्ष्य हैं। उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।