वेद ज्ञान से जीवन दिव्य: आर्य समाज नाई की मंडी का वार्षिकोत्सव संस्कारों की छटा में सराबोर
आर्य समाज नाई की मंडी के 65वें वार्षिकोत्सव में वेद, संस्कृति और नारी सशक्तिकरण का संगम देखने को मिला। जयपुर हाउस स्थित आर्य समाज मंदिर में आयोजित इस भव्य समारोह में वैदिक वक्ताओं, भजनोपदेशकों और महिला प्रतिनिधियों ने समाज में नारी की भूमिका, संस्कारों की आवश्यकता और अहंकारमुक्त जीवन के संदेश दिए। कार्यक्रम का केंद्रबिंदु रहा- वेद मानव जीवन का शाश्वत ज्ञान।
आगरा। वेद मानव जीवन का शाश्वत ज्ञान हैं, जो धर्म, विज्ञान, समाज और शिक्षा के सभी आयामों को प्रकाशित करते हैं। यह बात जयपुर हाउस स्थित आर्य समाज मंदिर में आयोजित आर्य समाज नाई की मंडी के 65वें वार्षिकोत्सव समारोह में मुख्य वैदिक वक्ता डॉ. प्रशांत ने कही। उन्होंने कहा कि वेद केवल पूजा-पाठ के ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की सर्वश्रेष्ठ पद्धति हैं। नारी यदि वेदों का अध्ययन करे, तो वह संस्कारित परिवार और सशक्त समाज की आधारशिला बन सकती है।
डॉ. प्रशांत ने कहा कि मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु अहंकार है। धनवान को धन का, बलवान को बल का, रूपवान को रूप का और विद्वान को विद्या का। जो व्यक्ति अहंकार से ऊपर उठ जाता है, वही समाज में पूज्य बनता है।
भजनोपदेशक कंचन कुमार ने भक्ति रस से ओतप्रोत वातावरण बना दिया। उन्होंने सौ बार जन्म लेंगे, सौ बार फना होंगे..., एहसान दयानंद के फिर भी ना अदा होंगे... और भारत का कर गया बेड़ा पार, वो मस्ताना योगी... जैसे प्रेरक भजनों से आर्यजनों को भावविभोर किया।
महिला सम्मेलन में गूंजे संस्कार और सशक्तिकरण के स्वर
वार्षिकोत्सव के महिला सम्मेलन में वंदना आर्या ने अध्यक्षता करते हुए कहा कि आधुनिकता के नाम पर महिलाएं अपने पारंपरिक संस्कारों से दूर हो रही हैं। उन्होंने आह्वान किया कि फ़िल्मी फैशन के मोह से बचकर भारतीय संस्कृति और वेदों के अनुरूप जीवन अपनाना चाहिए।
मिथलेश दुबे ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती के आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं। महिलाओं को अधिकार की दौड़ में पारिवारिक सम्मान और सेवा के मूल्यों को नहीं भूलना चाहिए।
संगीत खुराना ने महिलाओं को स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता संबंधी उपयोगी जानकारी दी। कार्यक्रम में सुमन कुलश्रेष्ठ, नीरू शर्मा ने भजन प्रस्तुत किए, जबकि रितिका अरोरा, विधा गुप्ता, मालती अरोरा, ऋतु आर्य, शामी डेम्बला, साक्षी आर्य और मनीषा अरोरा ने अपने विचार रखे।
आज होगा 11 कुण्डीय महायज्ञ और आचार्य स्वदेश का प्रवचन
प्रधान सीए मनोज खुराना ने बताया कि रविवार को विश्व कल्याण हेतु 11 कुण्डीय महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा, जिसके बाद आचार्य स्वदेश का मुख्य प्रवचन होगा। इसी दौरान आर्य केंद्रीय सभा का गठन भी किया जाएगा।
कार्यक्रम का मंच संयोजन अश्वनी आर्य ने किया। इस अवसर पर मंत्री अनुज आर्य, कोषाध्यक्ष विकास आर्य, भारत भूषण सामा, प्रदीप कुलश्रेष्ठ, सुभाष अग्रवाल, वीरेंद्र कनवर, प्रदीप डेंबला, राकेश तिवारी, अश्वनी डेंबला, सुधाकर गुप्ता सहित बड़ी संख्या में आर्यजन मौजूद रहे।