बरेली में नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को आजीवन कारावास, अंतिम सांस तक जेल में रहने का आदेश

-रमेश कुमार सिंह- बरेली। नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के जघन्य अपराध में दोषी पाए गए 24 वर्षीय युवक को पाक्सो एक्ट कोर्ट ने कठोरतम सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी को जीवन की अंतिम सांस तक जेल में रहने का आदेश देते हुए कुल 27 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इस फैसले को बाल अपराधों के खिलाफ कड़ा और नजीर पेश करने वाला माना जा रहा है।

Dec 16, 2025 - 20:58
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बरेली में नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को आजीवन कारावास, अंतिम सांस तक जेल में रहने का आदेश

मामला बरेली जनपद के थाना इज्जतनगर क्षेत्र से जुड़ा है। पीड़िता की मां ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आमिर हुसैन, निवासी ग्राम बिथरी चैनपुर, का उनके घर आना-जाना था। 01 फरवरी 2022 की रात करीब तीन बजे आरोपी उनकी 13 वर्षीय नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर घर से ले गया। आरोप है कि उसने बच्ची को बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया।

पीड़िता की मां की तहरीर पर थाना इज्जतनगर में आरोपी के खिलाफ धारा 363, 366, 376(2)(एन) भारतीय दंड संहिता तथा धारा 5(जे)(2)/6 पाक्सो एक्ट के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया।

अदालत में अभियोजन की मजबूत पैरवी

मामले की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक राजीव तिवारी ने अभियोजन पक्ष की ओर से 10 गवाह न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। गवाहों, साक्ष्यों और परिस्थितिजन्य तथ्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया।

विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट देवाशीष पांडेय ने आरोपी आमिर हुसैन को धारा 5(जे)(2)/6 पाक्सो एक्ट में आजीवन कारावास (अंतिम सांस तक) एवं 20,000 रुपये अर्थदंड, धारा 366 भादवि में 5 वर्ष का कारावास एवं 5,000 रुपये अर्थदंड, धारा 363 भादवि में 3 वर्ष का कारावास एवं 2,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया।

अर्थदंड न अदा करने की स्थिति में आरोपी को 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी और आरोपी को जीवन पर्यंत जेल में ही रहना होगा।

इस फैसले ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि नाबालिगों के खिलाफ यौन अपराधों पर न्याय व्यवस्था कोई नरमी नहीं बरतेगी। कानून के तहत ऐसे अपराधियों को कठोरतम सजा देकर समाज में भय और रोकथाम का वातावरण बनाना समय की आवश्यकता है।

SP_Singh AURGURU Editor