इंचों से बची जान, मेट्रो निर्माण के दौरान कार पर गिरा भारी स्लीपर
आगरा के खंदारी चौराहे के पास मेट्रो निर्माण के दौरान ब्रिज से एक भारी लकड़ी का स्लीपर नीचे कार पर गिर गया। शीशा टूटते हुए स्लीपर चालक के सिर के बेहद पास गिरा, जिससे वह घायल हो गया। चालक की जान इंचों से बची। घटना ने मेट्रो निर्माण में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
खंदारी चौराहे के पास हादसा, शीशा तोड़ते हुए सिर के पास गिरा स्लीपर, चालक घायल
आगरा। आगरा में मेट्रो निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी का गंभीर मामला सामने आया है। खंदारी चौराहे के पास सिकंदरा कॉरिडोर के तहत बन रहे मेट्रो ब्रिज से अचानक एक भारी लकड़ी का स्लीपर नीचे गुजर रही कार पर गिर गया। यह स्लीपर कार के फ्रंट शीशे को तोड़ते हुए अंदर जा घुसा और चालक के सिर के बेहद करीब आकर गिरा। हादसे में चालक घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आईएसबीटी के पास सर्विस रोड से एक युवक कार लेकर गुजर रहा था। उसी समय ऊपर मेट्रो ब्रिज पर निर्माण कार्य चल रहा था। अचानक ऊपर से एक बड़ा लकड़ी का स्लीपर नीचे गिरा, जो सीधे कार के फ्रंट शीशे से टकराया और अंदर तक घुस गया।
पलभर में मच गई अफरा-तफरी
स्लीपर गिरते ही कार चालक घबरा गया। उसे लगा कि कोई भारी पत्थर या लोहे का टुकड़ा गिरा है। स्लीपर के टकराने से चालक के हाथ में चोट आई। कार को सड़क किनारे रोककर वह कुछ देर तक सदमे में रहा और समझ नहीं पाया कि आखिर हुआ क्या है।
इंचों से बची जान
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि लकड़ी का स्लीपर नुकीला था और चालक के सिर से महज कुछ इंच की दूरी पर आकर रुका। यदि स्लीपर 5–6 इंच और अंदर गिरता तो सीधे सिर पर लगता और बड़ा हादसा हो सकता था।
मेट्रो प्रशासन का बयान
घटना पर मेट्रो प्रशासन की ओर से स्वीकार किया गया है कि ऊपर से लकड़ी का स्लीपर गिरा, जिससे कार का शीशा टूट गया। हालांकि, सवाल यह उठ रहा है कि निर्माण स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं किए गए थे, जबकि नीचे से आम नागरिकों की आवाजाही जारी थी।
सुरक्षा पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद मेट्रो निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों, बैरिकेडिंग और ऊपर काम कर रहे श्रमिकों की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि निर्माण स्थलों के नीचे से गुजरने वाले रास्तों पर अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।