मां यमुना के नाम जले दीपः देवोत्थान पर आरती, पूजन और दीपदान से गूंजी भक्ति व पर्यावरण चेतना

देवोत्थान एकादशी के मौके पर यमुना तट श्रद्धा, भक्ति और पर्यावरण चेतना से आलोकित हुआ। रिवर कनेक्ट अभियान द्वारा आयोजित यमुना पूजन, महाआरती एवं दीपदान गोष्ठी में श्रद्धालु और पर्यावरण प्रेमी शामिल हुए, जिन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर मां यमुना की अविरलता और पवित्रता बनाए रखने का संकल्प लिया।

Nov 2, 2025 - 21:55
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मां यमुना के नाम जले दीपः देवोत्थान पर आरती, पूजन और दीपदान से गूंजी भक्ति व पर्यावरण चेतना
यमुना आरती स्थल पर दीप जलाकर यमुना मैया की अविरलता और पवित्रता का संकल्प लेते पर्यावरण प्रेमी।

आगरा। रविवार, 2 नवंबर की सांध्य बेला यमुना आरती स्थल पर श्रद्धा और सेवा भावना का अद्भुत संगम लेकर आई। देवोत्थान एकादशी के अवसर पर रिवर कनेक्ट अभियान की ओर से यमुना पूजन, महाआरती एवं दीपदान गोष्ठी का आयोजन हुआ। भक्ति संगीत, मंत्रोच्चार और दीपों की रौशनी से पूरा तट झिलमिला उठा।

कार्यक्रम का शुभारंभ यमुना पूजन से हुआ, जहां उपस्थित श्रद्धालुओं ने नदी माता का आवाहन कर पुष्प, धूप और दीप अर्पित किए। इसके बाद सामूहिक महाआरती ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

गोष्ठी सत्र में पर्यावरणविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने यमुना नदी के संरक्षण, स्वच्छता और प्रवाह पुनर्जीवन पर सारगर्भित विचार रखे। बृज खंडेलवाल ने कहा कि यमुना केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, आध्यात्मिकता और पर्यावरण की जीवनरेखा है। उन्होंने जनभागीदारी को यमुना पुनर्जीवन का सबसे बड़ा आधार बताया।

डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य, डॉ. हरेंद्र गुप्ता, बृज खंडेलवाल, डॉ. नीलम मेहरोत्रा, दीपक जैन, चतुर्भुज तिवारी, गोस्वामी नंदन श्रोत्रिय, मीरा गुप्ता, मुक्ता, पद्मिनी अय्यर, रंजन शर्मा, दीपक शांडिल्य, शाहतोश गौतम और राजकुमार माहेश्वरी सहित अनेक नागरिक, विद्यार्थी व पर्यावरण कार्यकर्ता कार्यक्रम में मौजूद रहे।

समापन में दीपदान संकल्प के साथ सभी ने मिलकर यह व्रत दोहराया कि मां यमुना की अविरलता, स्वच्छता और पवित्रता के लिए हर स्तर पर प्रयास जारी रहेंगे। दीपों की शृंखला ने यह संदेश दिया कि जब तक नदी बचेगी, तभी जीवन, संस्कृति और आस्था का प्रवाह बना रहेगा।

SP_Singh AURGURU Editor