मन के विकारों को शांत करता है भागवत श्रवणः कथा के पहले दिन भक्ति योग की महत्ता का वर्णन

आगरा के बोदला क्षेत्र स्थित महारानी बाग पार्क में 23 से 29 नवंबर तक चल रही श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिवस श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां भक्तों ने कथावाचक दिनेश दीक्षित जी के माध्यम से भागवत ज्ञानामृत का रसास्वादन किया।

Nov 23, 2025 - 17:51
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मन के विकारों को शांत करता है भागवत श्रवणः कथा के पहले दिन भक्ति योग की महत्ता का वर्णन
बोदला क्षेत्र के महारानी बाग में चल रही श्रीमद भागवत कथा में प्रवचन करते कथावाचक दिनेश शास्त्री।

आगरा। बोदला स्थित महारानी बाग में रविवार से शुरू हुई श्रीमद्भागवत कथा में पहले दिन भक्ति और आध्यात्मिकता का सैलाब उमड़ पड़ा।
व्यास पीठ पर आसीन पूज्य कथावाचक श्री दिनेश दीक्षित जी ने बताया कि जहां श्रीमद्भागवत कथा होती है, वहां सभी तीर्थ स्वयं विद्यमान हो जाते हैं। भागवत केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाला दिव्य मार्ग है।

उन्होंने कहा कि भागवत श्रवण मन के विकारों को शांत करता है और जीवन में प्रेम, करुणा, शांति व आनंद का संचार करता है।
कथा के प्रथम दिन महाराजश्री ने भागवत महापुराण की उत्पत्ति, व्यासदेव द्वारा रचित अठारह पुराणों का सार, तथा भक्तियोग की महत्ता का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भक्तियोग ही वह मार्ग है जो जीव को परमात्मा से जोड़ता है और जीवन को पवित्र बनाता है।

कथावाचक ने भजनों, पदों और प्रसंगों के माध्यम से कई दिव्य झलकियां प्रस्तुत कीं, जिन्हें सुनकर उपस्थित भक्त भाव-विभोर हो उठे।
उन्होंने प्रथम श्लोक के माध्यम से भगवान के सच्चिदानन्द स्वरूप का वर्णन किया तथा बताया कि वेदों में उल्लेखित ‘एक कल्प में चार युग’ की अवधारणा को विज्ञान भी अब प्रमाणित कर रहा है।

कथा के अंत में सामूहिक आरती और शांति पाठ के साथ प्रथम दिवस की कथा का समापन हुआ।
आयोजकों ने बताया कि दूसरे दिन मंगलाचरण, सूत जी से शौनक आदि ऋषियों के छह प्रश्न, नारद जी के पूर्व जन्म की कथा, नारद–व्यास संवाद तथा भीष्म-कुंती स्तुति की कथा का वाचन होगा।

इस अवसर पर आयोजन समिति के पदाधिकारियों में डॉ. जीएस राणा, अनीता राणा, संयोजक डॉ. अरुण प्रताप सिंह, अरुण त्यागी, प्रमोद चौधरी, लोकेश कटारा, सतेन्द्र, विपिन परमार, भूपेन्द्र चौधरी, चंद्रवीर सोलंकी, दिलीप स्वामी, रविन्द कुमार दुबे, वरुण स्वामी आदि शामिल थे।

SP_Singh AURGURU Editor