रथ पर विराजे भगवान श्रीजगन्नाथ जी, भक्तिमय जयघोषों से गूंजा गोकुलपुरा
आगरा। निताई गौर मंडल द्वारा आयोजित पांचवीं वार्षिक रथयात्रा में श्रद्धा और भक्ति का अप्रतिम संगम देखने को मिला। रथ पर विराजे भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शनों के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। चक्रधारी प्रभु की इस दिव्य यात्रा में जैसे शब्द सजीव हो उठे।
यात्रा की शुरुआत गोकुलपुरा स्थित ठाकुर श्री बिहारी जी महाराज मंदिर से हुई और बल्काबस्ती, राजामंडी, मनसा देवी मार्गों से होती हुई पुनः मंदिर में सम्पन्न हुई। हर मोड़ पर श्रद्धालुओं ने हरिनाम संकीर्तन करते हुए हरे कृष्ण हरे राम के महामंत्रों से वातावरण को भक्तिरस में सराबोर कर दिया।
श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्पवर्षा की, जल, फल और प्रसाद वितरित करने के साथ ही भगवान की आरती उतारी। यात्रा का शुभारंभ एमएलसी विजय शिवहरे द्वारा रथ की रस्सी खींचकर किया गया। इस अवसर पर पं. दिनेश चन्द्र शर्मा, ललित कांत, पप्पू पुजारी, रामकुमार, सुनील वर्मा ने भगवान की आरती उतारी।
पंडित दिनेश चन्द्र शर्मा ने कहा, यह रथ यात्रा केवल सांस्कृतिक परंपरा नहीं, बल्कि आत्मा और परमात्मा के मिलन का उत्सव है, जिसे हरिनाम की धुनों से जीवंत किया जाता है।
पंडित ललितकांत ने जानकारी दी कि श्रीजगन्नाथ जी के विग्रह विशेष रूप से पुरीधाम (उड़ीसा) से मंगवाए गए हैं और विगत पांच वर्षों से निताई गौर मंडल इस रथयात्रा का भक्तिपूर्ण आयोजन करता आ रहा है। इस वर्ष भी यात्रा से पहले अधिवास संस्कार और 24 घंटे का अखण्ड हरिनाम संकीर्तन आयोजित किया गया, जिसने माहौल को दिव्यता से भर दिया।
कार्यक्रम व्यवस्था में विष्णु पोरवाल, मनीष वर्मा, भरत वर्मा, हीरालाल, नरसी वर्मा, राकेश वर्मा, अमन बजरंगी, करन सोनी, चन्द मोहन गोयल, कान्हा वर्मा, मयंक, भानु वर्मा सहित कई स्वयंसेवकों की विशेष भूमिका रही।
यात्रा के समापन पर भव्य आरती और प्रसाद वितरण हुआ। भक्तों ने भगवान के श्रीचरणों में नमन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।