लाल श्रृंगार और त्रिशूलाकार तिलक से महागणपति का अलौकिक रूप, तृतीय दिवस भक्ति से सराबोर
आगरा। भक्ति, श्रद्धा और अलौकिक आभा से सराबोर गणेशोत्सव के तृतीय दिवस पर छलेसर रोड स्थित श्री वरद वल्लभा महागणपति ने त्रिशूलाकार तिलक, लाल श्रृंगार और स्वर्णाभूषण धारण कर भक्तों को दिव्य दर्शन दिए। संजीव सिंघल व डिंपल सिंघल ने महागणपति को विशेष वस्त्र एवं श्रृंगार अर्पित किया। उनके द्वारा अर्पित किए गए आभूषण और श्रृंगार से महागणपति का अनुपम रूप भक्तों के हृदय को भाव-विभोर कर गया।
मंदिर परिसर को फूलों और विद्युत सजावट से भव्य रूप से सजाया गया। लाल आभा में सुसज्जित महागणपति ने पूरे दिन भक्तों को अद्भुत दर्शन दिए। शहर और आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालु परिवार सहित मंदिर पहुंचे और गणपति के चरणों में नतमस्तक होकर आशीर्वाद लिया।
परिसर में स्थापित 101 किलो के मेवायुक्त मोदक का आकर्षण लगातार श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींच रहा है। दर्शन के साथ भक्तों ने मोदक के दर्शन और प्रसाद का आनंद भी लिया।
10 दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में प्रतिदिन महागणपति का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। शनिवार को श्वेत श्रृंगार धारण कर महागणपति भक्तों को दर्शन देंगे। साथ ही प्रत्येक दिन हलवा, लड्डू और दक्षिण भारतीय व्यंजनों जैसे विविध प्रसाद का वितरण किया जा रहा है।