महाकुम्भः पौष पूर्णिमा पर 1.65 करोड़ ने किया स्नान, कल मकर संक्रांति पर पहला अमृत स्नान
महाकुम्भ नगर। पौष पूर्णिमा पर महाकुम्भ का शुभारंभ हो चुका है। पहले ही दिन आस्था का ऐसा समागम हुआ कि अब तक के सारे रिकॊर्ड टूट गए। पहले दिन 1.65 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम पर पहुंचकर त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाई। अब कल यानि मकर संक्रांति पर्व पर पहला बड़ा अमृत स्नान होना है। मकर संक्रांति के इस अमृत स्नान पर पौष पूर्णिमा से भी ज्यादा श्रद्धालुओं के महाकुम्भ में पहुंचने की उम्मीद है। मकर संक्रांति के मौके पर अखाड़ों के अमृत स्नान के लिए समय सारिणी भी जारी की गई है।
-प्रमुख स्नान पर्व के दिनों में अक्षयवट दर्शन के लिए रहेगा बन्द
इसके मद्देनजर सुरक्षा और ट्रैफिक के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। आज महाकुम्भ के शुभारंभ के मौके पर तड़के से ही श्रद्धालुओं का उमड़ना शुरू हुआ जो देर शाम तक जारी रहा। हर तरफ भीड़ ही भीड़ नजर आ रही थी। समूचे महाकुम्भ क्षेत्र में व्यवस्थाएं इतनी दुरुस्त थीं कि कहीं किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं हुई।
कल मकर संक्रांति के मौके पर पहला अमृत स्नान हो रहा है। इस बार मकर संक्रांति के मौके पर ऐसा संयोग बन रहा है जो बहुत शुभ माना जा रहा है, इसलिए हर कोई मकर संक्रांति के दिन संगम पर पहुंचकर डुबकी लगाने को आतुर है। इसलिए माना जा रहा है कि मकर संक्रांति के मौके पर उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ अब तक के सारे रिकॊर्ड तोड़ देगी।
इधर ट्रैफिक पुलिस ने मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पहले ही ट्रैफिक प्लान तैयार कर लिया था। इसके अनुसार, मेला क्षेत्र में आने वाले समस्त वाहनों के लिए यातायात डायवर्जन और पार्किंग की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।
उल्लेखनीय है कि संगम मेला क्षेत्र में जाने के लिए प्रवेश मार्ग जवाहरलाल नेहरू मार्ग काली सड़क से एवं निकास मार्ग त्रिवेणी मार्ग प्रस्तावित है। प्रमुख स्नान पर्व के दिनों में अक्षयवट दर्शन के लिए बन्द रहेगा। मकर संक्रांति पर्व भी प्रमुख स्नानों में से एक है, इसलिए कल अक्षय वट के दर्शन नहीं हो सकेंगे।