महालक्ष्मी भक्त मंडल विवादः संजय अग्रवाल की कार्यकारिणी वैध, विकास मित्तल के चुनाव अमान्य घोषित
आगरा की श्री महालक्ष्मी भक्त मंडल सेवा समिति के लंबे समय से चले आ रहे विवाद पर उप-निबंधक फर्म्स, सोसाइटीज एवं चिट्स, आगरा ने शुक्रवार को अहम फैसला सुनाया। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्देश पर पारित इस आदेश में उप-निबंधक ने संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में गठित कार्यकारिणी को वैध माना है, जबकि विकास मित्तल द्वारा संचालित चुनावी प्रक्रिया और सभा की कार्यवाही को नियमविरुद्ध और अवैध ठहराते हुए निरस्त कर दिया गया है।
आगरा। श्री महालक्ष्मी भक्त मंडल सेवा समिति से जुड़े विवादास्पद प्रकरण का अंततः निर्णायक समाधान हो गया है। उप-निबंधक कार्यालय ने स्पष्ट रूप से कहा कि समिति का पंजीकरण वर्ष 2015 में हुआ था और इसका नवीनीकरण 31 अक्टूबर 2020 को पांच वर्ष के लिए विधिवत किया गया। इस आधार पर समिति की निर्वाचित कार्यकारिणी का कार्यकाल 25 अगस्त 2025 तक मान्य है।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया कि इस वैध कार्यकाल के दौरान संस्था को भंग करने या नए चुनाव कराने का कोई वैधानिक निर्णय पदाधिकारियों द्वारा नहीं लिया गया था। ऐसे में विकास मित्तल द्वारा 05 जनवरी 2025 को कराई गई साधारण सभा और चुनाव की प्रक्रिया न केवल संस्था की नियमावली के विरुद्ध थी, बल्कि पंजीकृत कार्यकारिणी की स्वीकृति के बिना संपन्न हुई थी। अतः इसे उप-निबंधक ने विधि-विरुद्ध पाते हुए तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया।
वहीं, संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में दिनांक 03 मई 2025 को आयोजित बैठक और 09 मई 2025 को प्रस्तुत कार्यवाही को संस्था के नियमों और विधायी प्रक्रिया के अनुसार सही पाया गया। इस आधार पर उनकी कार्यकारिणी को वैध रूप से मान्यता प्रदान की गई है।
उप-निबंधक ने यह भी स्पष्ट किया कि संस्था की बैठकें, साधारण सभाएं और चुनाव संबंधी सभी प्रक्रियाएँ केवल विधिवत निर्वाचित पदाधिकारियों द्वारा ही संचालित की जा सकती हैं। किसी भी गैर-अधिकृत व्यक्ति द्वारा की गई कार्रवाई को वैधानिक मान्यता नहीं दी जाएगी।