मुंबई की रात में फडणवीस–आदित्य ठाकरे की कथित मुलाकात से गर्माई महाराष्ट्र की सियासत
मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे की बीकेसी स्थित एक होटल में लंबी मौजूदगी से राजनीतिक हलकों में अटकलों का तूफान उठ गया है। दोनों नेता लगभग एक साथ उसी होटल में कुछ घंटों तक मौजूद थे। हालांकि दोनों ओर से यह कहा गया है कि किन्हीं अलग-अलग कार्यक्रमों या डिनर के लिए पहुंचे थे और दोनों ने किसी खुली मुलाकात से इनकार किया है।
इससे पहले, इसी सप्ताह गुरुवार को आदित्य ठाकरे, पिता उद्धव ठाकरे साथ, विधान भवन में फडणवीस से मिले थे और मुख्यमंत्री ने हंसते हुए उद्धव को ‘आओ हमारे पाले में’ का ऑफर दिया था। इस पर आदित्य ठाकरे ने भी रंगत में प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, आपने ऑफर दिया तो मैं स्वागत के लिए खड़ा हूं। दोनों के बीच के हंसते‑मुस्कुराते इस व्यवहार ने तब भी सियासी पारा गरमा दिया था।
राजनीतिक दांव‑पेंच या सांकेतिक मैसेज?
हालिया घटनाक्रम से यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या भाजपा और शिवसेना (यूबीटी) के बीच अप्रत्याशित राजनीतिक समीकरण बन सकते हैं? सच्चाई जो कुछ भी हो, उद्धव और आदित्य की फडणवीस से मुलाकातों ने एकनाथ शिंदे खेमे में बेचैनी पैदा कर दी है, जो वर्तमान गठबंधन भागीदार और समर्थक है।
विपक्षी बता रहे भ्रम फैलाने वाली योजना
मीडिया हलकों में इसे सियासी समीकरणों का पूर्वाभ्यास बताया जा रहा है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह भाजपा की एक रणनीतिक चाल हो सकती है, जिससे महाराष्ट्र की राजनीति में नया ध्रुवीकरण हो। वहीं, विपक्षी नेता इसे “राजनीतिक भ्रम फैलाने वाली योजना” बता रहे हैं।
मराठी मीडिया में इसे राजनीतिक ट्विस्ट और नए समीकरणों की शुरुआत करार दिया है। मीडिया के एक वर्ग में इसे ‘संयोग नहीं’ बताया जा रहा है। इसमें साजिश की अटकलें भी लगाई जा रही हैं। वहीं इसे फड़णवीस का मास्टर स्ट्रोक भी कहा जा रहा है ताकि महाविकास अघाड़ी को कमजोर किया जा सके।