मदिया कटरा चौराहे पर पानी के रिसाव के चलते बच्चों से भरी बस धंसती सड़क में फंसी, बड़ा हादसा टला
मदिया कटरा तिराहे पर पानी की लाइन में लंबे समय से हो रहे लीकेज के कारण सड़क धंस गई, जिससे स्कूली बच्चों से भरी बस फंस गई। बड़ा हादसा टल गया। घटना से इलाके में भीषण जाम लग गया। विधायक पुरुषोत्तम खण्डेलवाल ने मौके पर पहुंचकर जलकल विभाग को फटकार लगाई, जिसके बाद जेसीबी से बस को बाहर निकाला गया और मरम्मत कार्य शुरू कराया गया।
विधायक पुरुषोत्तम खण्डेलवाल ने मौके पर पहुंचकर अधिकारियों से जताई नाराजगी
आगरा। शहर के अत्यंत व्यस्त मदिया कटरा तिराहे पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पानी की लाइन में लंबे समय से हो रहे लीकेज के कारण सड़क अचानक धंस गई। सड़क के नीचे की मिट्टी लगातार पानी बहने से बह चुकी थी, जिससे सड़क अंदर से पूरी तरह खोखली हो गई थी। इसी दौरान तिराहे से गुजर रही एक स्कूल बस सड़क धंसने से उसमें फंस गई, बस में स्कूली बच्चे सवार थे। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
बस के फंसते ही मदिया कटरा से दिल्ली गेट और मानसिक स्वास्थ्य केंद्र तक यातायात पूरी तरह ठप हो गया। दोपहर का समय होने और स्कूलों की छुट्टी एक साथ होने के कारण स्थिति और भी गंभीर हो गई। कई स्कूल वैन, अभिभावकों के वाहन और आम राहगीर जाम में फंस गए। सूचना मिलने पर मौके पर पार्षद अमित पटेल व विक्रांत पहुंचे और उन्होंने तत्काल विधायक पुरुषोत्तम खण्डेलवाल को घटना की जानकारी दी। विधायक खण्डेलवाल मौके पर पहुंचे और जाम व धंसी सड़क की स्थिति का निरीक्षण किया।
स्थानीय लोगों और दुकानदारों ने विधायक के सामने नगर निगम और जलकल विभाग पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। उनका कहना था कि पिछले चार दिनों से पानी की लाइन में लगातार रिसाव हो रहा था, जिसकी शिकायतें भी की गईं, लेकिन विभाग ने समय रहते मरम्मत नहीं कराई। इसी लापरवाही के चलते सड़क की नींव कमजोर हो गई और यह हादसा हुआ।
विधायक खण्डेलवाल ने मौके से ही जलकल विभाग के जीएम से फोन पर बात कर तुरंत कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। इसके बाद जलकल विभाग की टीम जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंची और फंसी हुई बस को बाहर निकाला गया। साथ ही सड़क की खुदाई कर लीकेज ठीक करने का काम शुरू किया गया। यातायात व्यवस्था को सुचारु करने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया, हालांकि काफी देर तक जाम की स्थिति बनी रही, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बसों और वैन में बैठे स्कूली बच्चे देर तक फंसे रहे, जिससे अभिभावकों की चिंता बढ़ गई।
क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि शहर भर में पानी की पुरानी लाइनों की जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और आम जनता को राहत मिल सके।