विवाह का झांसा देकर मतांतरण कराने वाले गिरोह पर बड़ी कार्रवाई, पांच आरोपियों पर पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की
बरेली के भुता थाना क्षेत्र में विवाह और आर्थिक प्रलोभन देकर मतांतरण कराने के आरोपित एक गिरोह के पांच सदस्यों के खिलाफ पुलिस ने शनिवार को चार्जशीट दाखिल कर दी। सभी आरोपी पहले से जेल में बंद हैं और उनकी जमानत कोर्ट ने खारिज कर दी थी।
-आरके सिंह-
बरेली। जनपद में मुस्लिम युवतियों से शादी और आर्थिक लाभ का लालच देकर मतांतरण कराने के आरोप में पकड़े गए गिरोह के पांच सदस्यों के खिलाफ भुता पुलिस ने विस्तृत जांच के बाद चार्जशीट दाखिल कर दी है। पुलिस के अनुसार आरोपितों ने कई जिलों और राज्यों में अपनी गतिविधियां फैला रखी थीं तथा विभिन्न स्थानों से फंडिंग के साक्ष्य भी मिले थे।
पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) अंशिका वर्मा ने बताया कि इस मामले में सबसे पहले मदरसा संचालक अब्दुल मजीद, तथा गिरोह के सदस्य सलमान, आरिफ और फहीम को गिरफ्तार किया गया था। बाद में मुख्य आरोपी महमूद बेग को भी पकड़ा गया। तब से पाँचों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं।
यह मामला तब सामने आया जब अलीगढ़ के इंद्रपुरी निवासी अखिलेश कुमारी ने 25 अगस्त को भुता थाने में आरोपितों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। उनका आरोप था कि उनके नेत्रहीन पुत्र प्रभात उपाध्याय, जो बरेली के राजकीय इंटर कॉलेज में शिक्षक थे, को विवाह के झांसे में फांसकर मतांतरण के लिए दबाव बनाया जा रहा था।
अखिलेश कुमारी के अनुसार, प्रभात का नाम बदलकर हामिद रजा रखने तक की तैयारी कर ली गई थी। जानकारी मिलने पर उन्होंने एसपी दक्षिणी से शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने समय रहते प्रभात को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह ने सबसे पहले सुभाष नगर के करेली निवासी बृजपाल को अपने जाल में फंसाया था। चोट लगने पर उसकी मदद के बहाने उससे नजदीकी बढ़ाई गई और फिर एक युवती से मिलवाकर मदरसे में ले जाकर उसका ब्रेनवॉश किया गया। बाद में उसका मतांतरण भी करा दिया गया।
इसी तरह गिरोह के सदस्यों ने शिक्षक प्रभात को भी विवाह का झांसा देकर मदरसे में बुलाया था। आरोप है कि इसी दौरान एक नाबालिग को भी नशे का आदी बनाकर अपने प्रभाव में ले लिया गया था।
पुलिस का कहना है कि आरोप गंभीर हैं और सभी के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने पर अब मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है।