आगरा शिक्षक एमएलसी चुनाव में बूथों पर गड़बड़ी का बड़ा एक्शन, 6 अधिकारी निलंबित
आगरा में शिक्षक एमएलसी चुनाव के दौरान बूथ कैप्चरिंग और मतदान में अनियमितता की शिकायतों पर निर्वाचन आयोग ने सख्त कार्रवाई की है। फतेहाबाद और सैंया के दो विवादित बूथों से जुड़े छह अधिकारियों को निलंबित किया गया है, जबकि पीठासीन अधिकारियों, मतदान कर्मियों और 16 पुलिसकर्मियों समेत कुल 27 लोगों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है। तीन बूथों पर पुनर्मतदान कराया गया। कार्रवाई सपा प्रत्याशी की शिकायत और मंडलायुक्त की रिपोर्ट के बाद हुई।
फतेहाबाद और सैंया के दो बूथों पर लापरवाही मिली, 27 अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई, तीन बूथों पर हुआ पुनर्मतदान
आगरा। शिक्षक एमएलसी चुनाव के दौरान बूथ कैप्चरिंग, मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ी और सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही की शिकायतों को निर्वाचन आयोग ने गंभीरता से लिया है। आयोग की रिपोर्ट के आधार पर फतेहाबाद और सैंया ब्लॉक के दो मतदान केंद्रों से जुड़े सेक्टर मजिस्ट्रेट, सेक्टर पुलिस अधिकारी और उप निरीक्षक समेत छह अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही दोनों बूथों पर तैनात पीठासीन अधिकारियों, तीन मतदान कर्मियों और 16 पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। इस तरह दोनों मतदान केंद्रों से जुड़े कुल 27 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।
तीन बूथों पर कराया गया पुनर्मतदान
23 अक्टूबर को हुए मतदान के दौरान फतेहाबाद ब्लॉक के कक्ष संख्या-1 स्थित बूथ नंबर 26 और सैंया ब्लॉक के कक्ष संख्या-1 स्थित बूथ नंबर 21 पर हंगामे और मतदान प्रक्रिया में अनियमितता की शिकायतें सामने आई थीं। इन बूथों से संबंधित कुछ बैलेट पेपर सोशल मीडिया पर भी प्रसारित हुए थे। मामले ने उस समय तूल पकड़ा, जब समाजवादी पार्टी के शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष शिकायत दर्ज कराते हुए चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल उठाए। शिकायत में बूथ कैप्चरिंग समेत मतदान में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए थे। शिकायत के बाद निर्वाचन आयोग ने मामले की रिपोर्ट तलब की। रिटर्निंग अधिकारी एवं मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप की ओर से भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर आयोग ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
छह अधिकारियों पर गिरी गाज
फतेहाबाद ब्लॉक, बूथ नंबर 26
विशाल राठौर — सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं प्रभागीय वनाधिकारी
पुरुषोत्तम लाल — सेक्टर पुलिस अधिकारी एवं अपर निरीक्षक, फतेहाबाद
सुमित त्यागी — उप निरीक्षक, एकता थाना
सैंया ब्लॉक, बूथ नंबर 21
ओपी चक — सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी
हरिशरण सिंह — सेक्टर पुलिस अधिकारी एवं क्राइम ब्रांच के निरीक्षक
संदीप कुमार — उप निरीक्षक, एत्माद्दौला थाना
इन सभी छह अधिकारियों को बूथों पर व्यवस्था बनाए रखने और मतदान प्रक्रिया की निगरानी में लापरवाही के मामले में निलंबित किया गया है।
पीठासीन अधिकारियों और मतदान कर्मियों पर भी होगी कार्रवाई
दोनों विवादित बूथों पर तैनात कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की गई है। इसके बाद दोनों बूथों के पीठासीन अधिकारियों और तीन मतदान अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था में तैनात 16 पुलिसकर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई है। इनमें पांच मुख्य आरक्षी और 11 सिपाही शामिल हैं। संबंधित कर्मचारियों को जल्द ही आरोपपत्र जारी किए जाने की तैयारी है। निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, पूरी कार्रवाई की रिपोर्ट निर्वाचन आयोग को भी भेजी जाएगी। इसी क्रम में खेरागढ़ तहसील के कक्ष संख्या-1 स्थित बूथ नंबर 20 पर भी सोमवार को पुनर्मतदान कराया गया। हालांकि, इस बूथ के संबंध में निर्वाचन आयोग की ओर से अभी तक किसी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।
मतदान खत्म होते ही सामने आया आयोग का एक्शन
सोमवार को तीन बूथों पर पुनर्मतदान की प्रक्रिया पूरी कराई गई। मतदान समाप्त होने के कुछ ही समय बाद छह अधिकारियों के निलंबन और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानकारी सामने आई। आयोग के इस त्वरित एक्शन से स्पष्ट है कि मतदान प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर सामने आई शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है। अब जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई की अगली प्रक्रिया में यह स्पष्ट होगा कि संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका किस स्तर तक रही।