2100 दीपों से जगमगाया श्रीजगन्नाथ मंदिर, धवल पोशाक में बहन सुभद्रा और भाई बलराम संग श्रीहरि ने दिए दर्शन

आगरा। राधारानी के प्रिय कार्तिक मास के आगमन पर कमला नगर स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर (इस्कॉन) में दीपदान महोत्सव का शुभारंभ भक्तिभाव के साथ हुआ। मंगला आरती, हरे रामा-हरे कृष्णा संकीर्तन और दामोदराष्टकम के पाठ के बीच मंदिर परिसर में 2100 दीप प्रज्ज्वलित किए गए। इस अवसर पर भगवान श्रीजगन्नाथ ने बहन सुभद्रा और भाई बलराम के साथ धवल पोशाक में श्रद्धालुओं को दर्शन दिए। पूरे माह मंदिर प्रतिदिन दीपों से जगमगाएगा और विशेष पूजा-अर्चना के साथ विभिन्न धार्मिक उत्सव मनाए जाएंगे।

Oct 26, 2026 - 20:48
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2100 दीपों से जगमगाया श्रीजगन्नाथ मंदिर, धवल पोशाक में बहन सुभद्रा और भाई बलराम संग श्रीहरि ने दिए दर्शन
कार्तिक मास के आगमन पर श्रीजगन्नाथ जी मंदिर (इस्कॊन) में आयोजित दीपदान महोत्सव की एक झलक।

धवल पोशाक में भक्तों को दर्शन देते भगवान श्रीजगन्नाथ जी, बहन सुभद्रा और भाई बलराम जी।

सोमवार सुबह 4:30 बजे मंगला आरती के साथ कार्तिक मास दीपदान महोत्सव का शुभारंभ हुआ। भक्तों ने दामोदराष्टकम का पाठ किया, दीपदान किया और तुलसी मैया की आरती उतारी। हरे रामा-हरे कृष्णा संकीर्तन और भगवान के अलौकिक दर्शन से मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्ज्वलित कर भगवान के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।

इस्कॉन आगरा के अध्यक्ष अरविन्द स्वरूप ने बताया कि कार्तिक मास में प्रतिदिन दामोदराष्टकम और गोपीगीत का पाठ होगा। मंदिर परिसर में रोजाना 2100 दीप प्रज्ज्वलित कर दीपदान किया जाएगा। इस दौरान भगवान को विभिन्न वेश धारण कराए जाएंगे। गोपाष्टमी, बैकुण्ठ चतुर्दशी, दीपावली और देवउत्थान एकादशी सहित विभिन्न धार्मिक उत्सव भी भक्तिभाव के साथ मनाए जाएंगे।

कार्यक्रम में नितेश अग्रवाल, सुशील अग्रवाल, शैलेन्द्र अग्रवाल, कान्ता प्रसाद अग्रवाल, राजेश उपाध्याय, संजीव बंसल, शैलेश बंसल, ओमप्रकाश अग्रवाल, संजय कुकरैजा, राजेश मल्होत्रा, संजीव मित्तल, देव केशव, राजेश गर्ग, सुनील मनचंदा और अदिति गौरांगी सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।

राधारानी के प्रिय कार्तिक मास का विशेष महत्व

हिंदू धार्मिक मान्यताओं में कार्तिक मास को भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी की आराधना के लिए विशेष महत्व दिया गया है। भगवद्गीता के दसवें अध्याय में श्रीकृष्ण ने महीनों में मार्गशीर्ष को अपना स्वरूप बताया है। धार्मिक परंपरा में कार्तिक मास को राधारानी का प्रिय महीना माना जाता है। मान्यता है कि इस माह में व्रत, दीपदान और विशेष पूजा-अर्चना करने से भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त होती है। कार्तिक मास के व्रत को उज्ज्वला व्रत भी कहा जाता है।

पूरे माह होंगे यशोदा-दामोदर के दर्शन

कार्तिक मास में भगवान श्रीकृष्ण की यशोदा-दामोदर लीला का विशेष स्मरण किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी लीला में माता यशोदा ने बालकृष्ण को ओखल से बांधा था। भगवान का माता के प्रेम और भक्ति के बंधन में बंधना इस प्रसंग का प्रमुख संदेश माना जाता है। इसी लीला के स्मरण में कार्तिक मास के दौरान यशोदा-दामोदर की विशेष पूजा और दर्शन किए जाते हैं।

धार्मिक परंपराओं में कार्तिक मास को श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं के स्मरण का समय भी माना जाता है। इस दौरान गोचारण, गिरिराज धारण, महारास, कालिया नाग मर्दन, इंद्र के अभिमान का दमन और गोवर्धन पूजा जैसे प्रसंगों का स्मरण किया जाता है। मंदिर में पूरे माह होने वाले दीपदान और धार्मिक आयोजनों के माध्यम से श्रद्धालु भक्ति, प्रेम और समर्पण का संदेश ग्रहण करेंगे।

SP_Singh AURGURU Editor