कक्षा सात के सामाजिक विज्ञान पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव, मुग़ल और सल्तनत इतिहास हटाया
नई दिल्ली। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने कक्षा सात के छात्रों के लिए सामाजिक विज्ञान के पाठ्यक्रम में बड़ा फेरबदल किया है। अब इतिहास, भूगोल और नागरिक शास्त्र को एक साथ समेटते हुए एकीकृत पुस्तक "सोशल साइंस: आवर वर्ल्ड, आवर एनवायरनमेंट, आवर पास्ट, आवर गवर्नमेंट" के रूप में पेश किया गया है।
इतिहास का दायरा सीमित किया गया
नई किताब में ऐतिहासिक अध्ययन को गुप्त साम्राज्य तक सीमित कर दिया गया है। दिल्ली सल्तनत और मुग़ल साम्राज्य पर आधारित अध्याय हटा दिए गए हैं। अब पुस्तक में महाकुंभ, चार धाम यात्रा, भारतीय संस्कृति और 'मेक इन इंडिया' व 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' जैसी सरकारी पहलों पर आधारित नए अध्याय शामिल किए गए हैं। पुस्तक के नये ढांचे में पहली छमाही के लिए 'एक्सप्लोरिंग सोसायटी- इंडिया एंड बियॉन्ड (भाग-1) के नाम से किताब प्रकाशित की गई है। दूसरा भाग आगामी महीनों में आएगा।
यह है बदलाव का मकसद
एनसीईआरटी अधिकारियों के मुताबिक, इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य छात्रों का शैक्षणिक बोझ कम करना और पढ़ाई को ज़्यादा अंतरविषयक बनाना है। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचे के अनुरूप कदम है, जिसमें भारतीय परंपराओं, ज्ञान परंपराओं और दर्शन को मुख्यधारा में लाने पर जोर दिया गया है।
मिली-जुली प्रतिक्रियाएं
शिक्षाविदों और इतिहासकारों ने इस कदम पर अलग-अलग राय दी है। कुछ इसे भारतीय संस्कृति की ओर छात्रों को आकर्षित करने वाला बताते हैं, जबकि कुछ का मानना है कि इससे इतिहास का व्यापक परिप्रेक्ष्य कमजोर हो सकता है। एनसीईआरटी का नया पाठ्यक्रम छात्रों के लिए भारतीय संस्कृति और आधुनिक पहलों को समझने का अवसर प्रदान करेगा। हालांकि इतिहास के कुछ महत्वपूर्ण हिस्सों को हटाए जाने को लेकर बहस भी जारी है। अब सबकी निगाहें आने वाले दूसरे भाग पर टिकी हैं, जो इस नई दिशा को और स्पष्ट करेगा।