D.El.Ed. पाठ्यक्रम को लेकर बड़ा निर्णय: अब राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के स्थान पर डीईआई को सम्बद्धता एवं परीक्षा निकाय के रूप में मिली स्वीकृति
आगरा। आगरा के प्रतिष्ठित दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) को एनसीटीई से बड़ी प्रशासनिक और शैक्षणिक मान्यता मिली है, जिससे D.El.Ed. (डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन) पाठ्यक्रम के छात्रों के हित और अधिक सुरक्षित व सशक्त होंगे।
दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट का शिक्षा संकाय सत्र 2017–18 से डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन (D.El.Ed.) पाठ्यक्रम का सफल संचालन कर रहा है। इस पाठ्यक्रम को राष्ट्रीय शिक्षा परिषद द्वारा 02 मई 2017 को विधिवत स्वीकृति प्रदान की गई थी।
इन वर्षों में इस पाठ्यक्रम से प्रशिक्षित अनेक छात्र-छात्राएं देश के विभिन्न राज्यों तथा केन्द्र सरकार द्वारा संचालित विद्यालयों में सेवाएं दे रहे हैं, जो संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
अब एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय में एनसीटीई, नई दिल्ली ने अपने 06 जनवरी 2026 के आदेश माध्यम से पूर्व आदेश (02.05.2017) में संशोधन करते हुए D.El.Ed. पाठ्यक्रम की सम्बद्धता एवं परीक्षा निकाय के रूप में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के स्थान पर दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट के नाम को स्वीकृत कर दिया है।
दयालबाग शिक्षण संस्थान (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) के निदेशक प्रो. सी. पटवर्धन संस्थान ने एनसीटीई के ताजा आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय न केवल संस्थान की साख को और मज़बूत करता है, बल्कि D.El.Ed. के वर्तमान और पूर्व विद्यार्थियों के भविष्य को भी पूर्णतः सुरक्षित करता है।

निदेशक ने कहा कि दयालबाग शिक्षण संस्थान गुणवत्तायुक्त शिक्षा के लिए जाना जाता है और किसी भी ऐसे पाठ्यक्रम का संचालन नहीं करता, जिसमें शासकीय स्वीकृति आवश्यक हो और वह प्राप्त न की गई हो। दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट एक अलाभकारी संस्था है, जो न्यूनतम शुल्क पर उच्च गुणवत्ता की शिक्षा उपलब्ध कराकर समाज के निम्न आय वर्ग के विद्यार्थियों को भी बिना आर्थिक बाधा के शिक्षा का अवसर देता है।

दयालबाग शिक्षण संस्थान के डीन शिक्षा संकाय प्रोफेसर एन.पी.एस. चंदेल ने कहा कि हमारे लिए छात्रों के हित सर्वोपरि हैं, उनके साथ किसी प्रकार का अहित नहीं होने दिया जाएगा और प्रशासन हर परिस्थिति में छात्रों के साथ खड़ा रहेगा।