ओटीएस के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा, आवास विकास परिषद में युवती से 6.50 लाख की ठगी, तीन पर मुकदमा दर्ज
आगरा। आगरा में आवास विकास परिषद (हाउसिंग बोर्ड) में वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) के नाम पर ठगी का गंभीर मामला सामने आया है। आरोपियों ने खुद को आवास विकास से जुड़े काम कराने वाला बताकर एक युवती से करीब 6 लाख 50 हजार रुपये की ठगी कर ली। पीड़िता की शिकायत पर थाना सिकंदरा पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आगरा। आगरा में आवास विकास परिषद (हाउसिंग बोर्ड) में वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) के नाम पर ठगी का गंभीर मामला सामने आया है। आरोपियों ने खुद को आवास विकास से जुड़े काम कराने वाला बताकर एक युवती से करीब 6 लाख 50 हजार रुपये की ठगी कर ली। पीड़िता की शिकायत पर थाना सिकंदरा पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता वर्षा चौधरी, निवासी आवास विकास कॉलोनी, सिकंदरा (वर्तमान में दिल्ली में कार्यरत) ने पुलिस को बताया कि उनके पिता के नाम आवास विकास परिषद द्वारा मकान संख्या 232, सेक्टर-12 आवंटित है। मकान से संबंधित बकाया धनराशि का निपटारा और जरूरी कागजात पूरे कराने के लिए वह 2 फरवरी 2025 को आवास विकास परिषद कार्यालय पहुंची थीं।
इसी दौरान कार्यालय परिसर में ही रिहान उद्दीन और शमशाद नाम के दो व्यक्तियों ने उनसे संपर्क किया। दोनों ने खुद को आवास विकास से जुड़े मामलों का जानकार बताते हुए भरोसा दिलाया कि वे ओटीएस के माध्यम से मकान का बकाया कम करा देंगे। आरोपियों ने युवती को कंप्यूटर से निकाला गया एक कागज दिखाया, जिसमें मकान पर 11.50 लाख रुपये का बकाया दर्शाया गया था। जल्द भुगतान न करने पर मकान निरस्त होने की धमकी देकर युवती पर मानसिक दबाव बनाया गया।
आरोप है कि 8 फरवरी 2025 को पीड़िता से रिहान उद्दीन के खाते में पेटीएम के माध्यम से 1 लाख रुपये ट्रांसफर कराए गए। इसके बाद पीड़िता ने ब्याज पर रकम लेकर 4 लाख रुपये नकद भी आरोपियों को दे दिए। बदले में आरोपियों ने 4.63 लाख रुपये की फर्जी रसीद और फर्जी ओटीएस स्लिप तैयार कर उस पर टिकट और मोहर लगाकर सौंप दी।
इतना ही नहीं, 21 मई 2025 को आरोपियों के कहने पर पीड़िता ने 1 लाख रुपये की डीडी बनाकर दी, जिसके बाद भी उनसे अतिरिक्त रकम की मांग की गई। इसके अलावा शमशाद के पुत्र शाहदान खान के खाते में भी 6 हजार रुपये ट्रांसफर कराए गए। इस तरह आरोपियों ने अलग-अलग तरीकों से कुल करीब 6.50 लाख रुपये की रकम हड़प ली।
जब पीड़िता दोबारा आवास विकास परिषद कार्यालय पहुंचीं और दस्तावेजों की सत्यता की जांच कराई तो अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि दी गई सभी रसीदें और ओटीएस स्लिप पूरी तरह फर्जी हैं। ठगी का अहसास होने पर जब पीड़िता ने आरोपियों से अपने पैसे वापस मांगे तो उन्होंने गाली-गलौज की, अश्लील टिप्पणियां कीं और जान से मारने की धमकी दी।
पीड़िता का कहना है कि उनके पास आरोपियों से हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग, चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं, जिन्हें पुलिस को सौंप दिया गया है। थाना सिकंदरा पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर रिहान उद्दीन, शमशाद और शाहदान खान के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, गाली-गलौज और धमकी देने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।