हार्ट अटैक से मौतें रोकने की बड़ी पहल, आगरा में 100 मेडिकल स्टाफ को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

आगरा। सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एस.एन. मेडिकल कॉलेज) आगरा में हृदय सेतु: स्टेमी -केयर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल के तहत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य मेजर हार्ट अटैक (स्टेमी ) के इलाज को स्पोक एंड हब मॉडल के माध्यम से अत्यधिक प्रभावी व समयबद्ध बनाना है।

Nov 22, 2025 - 20:47
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हार्ट अटैक से मौतें रोकने की बड़ी पहल, आगरा में 100 मेडिकल स्टाफ को दिया गया विशेष प्रशिक्षण
एसएन मेडिकल कॉलेज में हृदय सेतु: स्टेमी -केयर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षण लेते स्वास्थ्यकर्मी ।

एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा में “हृदय सेतु स्टेमी -केयर ” प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न, पाँच जिलों को मिला जीवनरक्षक उपचार का नया आधार


आगरा। सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एस.एन. मेडिकल कॉलेज) आगरा में हृदय सेतु: स्टेमी -केयर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल के तहत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य मेजर हार्ट अटैक (स्टेमी ) के इलाज को स्पोक एंड हब मॉडल के माध्यम से अत्यधिक प्रभावी व समयबद्ध बनाना है।

सरकार द्वारा एस.एन. मेडिकल कॉलेज आगरा को हब सेंटर के रूप में विकसित किया गया है, जबकि आसपास के पाँच जनपद आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, एटा और हाथरस के विभिन्न सीएचसी -एफआरयू , जिला अस्पताल, स्पेशल हॉस्पिटल और नए मेडिकल कॉलेजों को स्पोक सेंटर के रूप में जोड़ा गया है।

 गोल्डन आवर में स्टेमी उपचार के लिए अत्याधुनिक व्यवस्था

प्रिंसिपल एवं डीन डॉ. प्रशांत गुप्ता के मार्गदर्शन में कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. बसंत कुमार गुप्ता एवं उनकी टीम ने पूरे कार्यक्रम का संचालन किया। प्रशिक्षण में यह विशेष जोर दिया गया कि छाती में दर्द के साथ आए मरीज का तत्काल ईसीजी किया जाए। यदि ईसीजी में स्टेमी (मेजर हार्ट अटैक) की पुष्टि हो और मरीज 12 घंटे के गोल्डन आवर के भीतर हो, तो संबंधित स्पोक सेंटर ईसीजी को 10 मिनट के भीतर व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से हब एसएन मेडिकल कॉलेज के कार्डियोलॉजी एक्सपर्ट्स को भेजेंगे। पुष्टि होते ही स्पोक सेंटर में तुरंत ₹50,000 का टेनेक्टेप्लेस इंजेक्शन लगाया जाएगा। समय पर इंजेक्शन देने से मृत्यु जोखिम 30% से अधिक कम हो जाता है। प्राथमिक उपचार के बाद मरीज को आगे की एंजियो/उपचार हेतु सरकारी एम्बुलेंस से सीधे हब भेजा जाएगा। यह मॉडल उत्तर प्रदेश में हृदय रोगियों की मृत्यु दर में अभूतपूर्व कमी लाने की क्षमता रखता है।

दो दिनों में 100 मेडिकल स्टाफ का हुआ प्रशिक्षण

दो दिवसीय प्रशिक्षण में पहले दिन शुक्रवार को आगरा एवं मथुरा के 50 मेडिकल स्टाफ को और दूसरे दिन शनिवार को फिरोजाबाद, एटा व हाथरस के 50 मेडिकल स्टाफ को स्टेमी प्रबंधन, इमरजेंसी ईसीजी रीडिंग, दवा प्रशासन, व हब-स्पोक समन्वय का प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन

उद्घाटन समारोह में  डॉ. प्रशांत गुप्ता, प्रिंसिपल एवं डीन, एसएन मेडिकल कॉलेज, डॉ. ज्योत्स्ना भाटिया, एडिशनल डायरेक्टर, डॉ. कमलेश यादव, जॉइंट डायरेक्टर / स्टेमी नोडल, उत्तर प्रदेश सरकार, डॉ. अरुण श्रीवास्तव, सीएमओ आगरा, डॉ. बसंत कुमार गुप्ता, एचओडी  कार्डियोलॉजी, डॉ. पीयूष जैन, एडिशनल सीएमओ (नोडल – आगरा जिला), उपस्थित रहे। 

विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत प्रशिक्षण

प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले विशेषज्ञ डॉ. दीप, डॉ. दिवस (UPTSU), डॉ. बसंत कुमार गुप्ता, एसोसिएट प्रोफेसर एवं एचओडी , कार्डियोलॉजी, डॉ. हिमांशु यादव, एसोसिएट प्रोफेसर, कार्डियोलॉजी, डॉ. सौरभ नागर, असिस्टेंट प्रोफेसर, कार्डियोलॉजी इन्होंने स्टेमी पहचान, त्वरित उपचार, दवा प्रबंधन, जीवनरक्षक निर्णय और हब-स्पोक मॉडल की जमीनी कार्यवाही पर विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया।

जीवन बचाने वाली ऐतिहासिक पहल

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम उत्तर प्रदेश सरकार के उस मिशन को सशक्त बनाता है, जिसमें स्टेमी मरीजों को दूरस्थ क्षेत्रों से भी गोल्डन टाइम में उपचार उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा इस दिशा में हृदय रोग उपचार का केंद्रीय हब बनकर उभर रहा है।