कुबेरपुर लैंडफिल साइट को लेकर एनजीटी का बड़ा आदेशः 46 एकड़ भूमि में हरियाली विकसित करे नगर निगम, इसमें से 16 एकड़ में घना जंगल होगा, 16 मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता का वेस्ट टू एनर्जी प्लांट इसी साल के मध्य तक चालू हो जाएगा, पर्यावरणविद डॊ. शरद गुप्ता की याचिका का निस्तारण

आगरा। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने कुबेरपुर लैंडफिल साइट को लेकर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए नगर निगम को 46 एकड़ भूमि के पर्यावरणीय पुनर्जीवन का स्पष्ट रोडमैप सौंप दिया है। एनजीटी ने निर्देश दिया है कि साइट पर वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के बाद शेष बची 46 एकड़ भूमि में से 16 एकड़ क्षेत्र में मियावाकी पद्धति से घना जंगल विकसित किया जाए, जबकि बाकी 30 एकड़ भूमि पर व्यापक हरित क्षेत्र तैयार किया जाए। इसके साथ ही इसी परिसर में प्रस्तावित वेस्ट टू एनर्जी प्लांट को वर्ष 2026 के मध्य तक चालू करने का भरोसा मिलने पर एनजीटी ने पिछले तीन वर्षों से लंबित याचिका का निस्तारण कर दिया है।

Feb 3, 2026 - 19:45
Feb 3, 2026 - 20:13
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कुबेरपुर लैंडफिल साइट को लेकर एनजीटी का बड़ा आदेशः 46 एकड़ भूमि में हरियाली विकसित करे नगर निगम, इसमें से 16 एकड़ में घना जंगल होगा, 16 मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता का वेस्ट टू एनर्जी प्लांट इसी साल के मध्य तक चालू हो जाएगा, पर्यावरणविद डॊ. शरद गुप्ता की याचिका का निस्तारण

यह याचिका आगरा में ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक निस्तारण और पर्यावरण सुधार के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहे प्रमुख पर्यावरणविद् डॉ. शरद गुप्ता द्वारा दाखिल की गई थी। याचिका पर सुनवाई के दौरान एनजीटी ने समय-समय पर नगर निगम से प्रगति रिपोर्ट तलब की और अब अंतिम आदेश में साफ कर दिया कि कुबेरपुर लैंडफिल को दोबारा प्रदूषण का केंद्र बनने नहीं दिया जाएगा।

एनजीटी के आदेश के अनुसार नगर निगम को मियावाकी जंगल और हरित क्षेत्र का विकास वन विभाग की तकनीकी सलाह और निगरानी में करना होगा, ताकि दशकों तक पड़े कूड़े से उपजी दुर्गंध, प्रदूषण और पर्यावरणीय क्षति की भरपाई की जा सके।

नगर निगम ने एनजीटी को अवगत कराया कि कुबेरपुर में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट की बाउंड्रीवाल का निर्माण पूरा हो चुका है और यह प्लांट थर्मेक्स इंडिया द्वारा स्थापित किया जा रहा है। कंपनी में इसके प्रमुख उपकरणों का निर्माण कार्य जारी है और जल्द ही साइट पर असेंबलिंग शुरू कर इसी साल के मध्य तक प्लांट चालू कर दिया जाएगा।

नगर निगम के अनुसार यह प्लांट अब 8 मेगावाट नहीं, बल्कि 16 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता का होगा। इतना ही नहीं, प्लांट की क्षमता आगरा में रोज निकलने वाले कूड़े से अधिक होने के कारण फिरोजाबाद सहित आसपास के शहरों का सॉलिड वेस्ट भी यहीं निस्तारित किया जाएगा। इससे क्षेत्रीय स्तर पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की बड़ी समस्या का समाधान होगा।

गौरतलब है कि कुबेरपुर लैंडफिल साइट पर दशकों तक आगरा का कूड़ा डाले जाने से यहां कूड़े के विशाल पहाड़ बन गए थे, जिन्हें नगर निगम पहले ही हटवा चुका है। एनजीटी ने यहां घना जंगल विकसित करने का आदेश विशेष रूप से इसलिए दिया है ताकि कूड़े से पैदा हुई बदबू, गैस और पर्यावरणीय विषाक्तता को स्थायी रूप से खत्म किया जा सके।

SP_Singh AURGURU Editor