फतेहपुर सीकरी की सियासत में बड़ा उलटफेर, मुकेश डागुर की कांग्रेस में एंट्री से बदलेगा 2027 का चुनावी गणित

किरावली में हुए ‘संविधान बचाओ संवाद सम्मेलन’ के जरिए कांग्रेस ने फतेहपुर सीकरी की राजनीति में बड़ा दांव खेला है। किसान नेता मुकेश डागुर की कांग्रेस में एंट्री और भारी जनसमर्थन ने भाजपा–रालोद गठबंधन के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। यह कार्यक्रम 2027 चुनाव के लिए कांग्रेस की जमीनी रणनीति का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।

Jan 31, 2026 - 19:53
 0
फतेहपुर सीकरी की सियासत में बड़ा उलटफेर, मुकेश डागुर की कांग्रेस में एंट्री से बदलेगा 2027 का चुनावी गणित
कांग्रेस में शामिल होने जाते किसान नेता मुकेश डागुर।

किरावली के ‘संविधान बचाओ संवाद सम्मेलन’ से कांग्रेस ने खेला बड़ा दांव, भाजपा–रालोद के सामने नई चुनौती

किरावली (आगरा)। किरावली स्थित रामवीर क्रीड़ा स्थली में आयोजित कांग्रेस का ‘संविधान बचाओ संवाद सम्मेलन’ केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि वर्ष 2027 की तैयारियों का स्पष्ट संकेत बनकर उभरा। हजारों किसानों, मजदूरों और युवाओं की मौजूदगी तथा सैकड़ों ट्रैक्टरों और वाहनों के साथ हुए इस शक्ति प्रदर्शन ने फतेहपुर सीकरी की राजनीति में नए समीकरणों की नींव रख दी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता अशोक इन्दौलिया ने की। मुख्य अतिथि के रूप में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन पवन शर्मा ने किया, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद मंच पर उपस्थित रहे। सम्मेलन के संयोजक किसान सेना प्रमुख मुकेश डागुर रहे।

मुकेश डागुर की कांग्रेस में एंट्री गेमचेंजर मूव

कार्यक्रम का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश तब सामने आया जब किसान नेता मुकेश डागुर को कांग्रेस की सदस्यता दिलाई गई। राष्ट्रीय महासचिव अविनाश पांडे और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने उन्हें पार्टी में शामिल कराया। मुकेश डागुर की किसानों में गहरी पैठ, मजबूत जनाधार और जमीनी संघर्ष का इतिहास उन्हें फतेहपुर सीकरी क्षेत्र में एक प्रभावशाली चेहरा बनाता है। कांग्रेस में उनकी एंट्री को 2027 विधानसभा चुनाव के लिहाज से रणनीतिक मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है।

राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि यदि कांग्रेस फतेहपुर सीकरी से मुकेश डागुर को मैदान में उतारती है, तो भाजपा और रालोद गठबंधन को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।

भाजपा–रालोद के खिलाफ बढ़ता किसान आक्रोश

सम्मेलन के दौरान किसानों से हुई बातचीत में भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ खुला आक्रोश देखने को मिला। फसल के दाम, कर्ज़, गिरवी जमीन और रोजगार जैसे मुद्दे  किसानों के बीच चर्चा का केंद्र बन गए हैं। भाजपा और रालोद से नाराज वर्ग मुकेश डागुर को भरोसेमंद और संघर्षशील विकल्प के रूप में देखने लगा है।

कांग्रेस का 2027 रोडमैप

राष्ट्रीय महासचिव अविनाश पांडे ने साफ संदेश दिया कि कांग्रेस ऐसे कार्यक्रमों के जरिए 2027 के लिए मजबूत चेहरों को एक मंच पर ला रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कांग्रेस भय, भूख और भ्रष्टाचार के खिलाफ व्यापक आंदोलन छेड़ेगी और किसान, मजदूर व नौजवान के हक की लड़ाई सड़कों पर लड़ेगी।

प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने भाजपा सरकार पर नफरत की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए युवाओं के रोजगार, सामाजिक सौहार्द और धार्मिक संस्थाओं के अपमान के मुद्दों पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया।

किसानों के लिए स्पष्ट एजेंडा

मुकेश डागुर ने कांग्रेस के मंच से किसानों के लिए तीन बड़े संकल्प लिए। फसलों का लाभकारी मूल्य, किसानों की संपूर्ण कर्ज़ मुक्ति, बैंकों द्वारा गिरवी रखी गई जमीनों की वापसी उनके संकल्पों में शामिल हैं। आगरा कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामनाथ सिकरवार ने एलडीबी बैंक द्वारा किसानों के साथ की जा रही कथित बेईमानी के खिलाफ आवाज बुलंद की।

संगठनात्मक मजबूती और नए चेहरे

इस मौके पर मुकेश डागुर के साथ कांग्रेस में शामिल होने वालों में युवा रालोद के राष्ट्रीय सचिव कप्तान भगोर, ओमप्रकाश कुशवाह, सियाराम जाटव, लाला प्रधान सहित कई प्रधान, जनप्रतिनिधि और सैकड़ों किसान शामिल रहे। डागुर पूर्व में बड़े शिक्षक नेता रहे हैं। बाद में उन्होंने नौकरी से इस्तीफा देकर रालोद जॉइन किया था, लेकिन 2024 में रालोद के भाजपा के साथ जाने के बाद उन्होंने अलग होकर किसान सेना बनाई और अब कांग्रेस के साथ नई राजनीतिक पारी शुरू की है।

कार्यक्रम में नत्थन नेता जी, सदन सिंह इन्दौलिया, बच्चू सिंह इन्दौलिया, मुरारी प्रधान, राधेश्याम भगत, तोरन सिंह बोहरा, तालेवार प्रधान, चंदन प्रधान, घनश्याम सोलंकी, रणधीर चाहर सहित हजारों किसान मौजूद रहे।