ममता को तब तक भूखा-प्यासा रखा जब तक मर नहीं गई, क्रूर पति को उम्र कैद की सजा

बरेली की एक अदालत ने एक ऐसे क्रूर पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, जिसने अपनी ही पत्नी को कमरे में बंद कर भूख और प्यास से तड़पा-तड़पा कर मारा था। भले ही ममता की जिंदगी बुझ गई, लेकिन न्याय की इस किरण ने समाज को चेताया है कि रिश्तों में छिपी हिंसा को अनदेखा नहीं किया जा सकता।

May 18, 2025 - 12:20
 0
ममता को तब तक भूखा-प्यासा रखा जब तक मर नहीं गई, क्रूर पति को उम्र कैद की सजा

-सात दिन तक प्यास और भूख से तड़पती रही ममता, बेदर्द पति ने ताले में बंद कर दी थी जिंदगी, मौत के बाद शव में कीड़े पड़ गये थे

-आरके सिंह-

बरेली। वो तड़पती रही। न खाने को कुछ था, न पीने को... और जब तक जीवन की डोर टूट नहीं गई, तब तक कोई उसे देखने तक नहीं आया। यह कहानी है ममता की, एक पत्नी, जिसकी सांसें उसके ही पति ने बहुत ही क्रूरता के साथ धीरे-धीरे छीन लीं। उसे भूखा-प्यासा बंद कमरे में छोड़ दिया गया, जहां उसकी मौत तड़प-तड़प कर हो गई।

बरेली की अपर सत्र न्यायाधीश (12) ज्ञानेंद्र त्रिपाठी की अदालत ने पति मनोज को पत्नी ममता की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। यह मामला इंसानियत को झकझोर देने वाला है, जहां एक महिला की जान उसके सबसे करीबी ने सिर्फ इसलिए ले ली क्योंकि वो झगड़ा करती थी और उसे छोड़कर जा सकती थी।

शव से उठी दुर्गंध ने खोली हकीकत

यह दिल दहला देने वाली घटना वर्ष 2021 है जब कोरोना काल चल रहा था। थाना सुभाष नगर के करेली गांव निवासी मनोज मजदूरी करता था और उसकी शादी वर्ष 2011 में ममता से हुई थी। दंपति निःसंतान थे। पड़ोसियों को मनोज के घर से तीव्र दुर्गंध उठने पर शक हुआ और पुलिस को सूचना दी। जब मनोज घर पर नहीं था, कमरे का ताला तोड़ा गया  और जो दृश्य सामने आया, वह किसी दुःस्वप्न से कम नहीं था। बेड के नीचे कंबल में लिपटी सड़ी-गली ममता की लाश, जिसमें कीड़े पड़ चुके थे।

मनोज ने किया गुनाह कबूल

मनोज ने पुलिस पूछताछ में कबूल किया कि ममता अक्सर उससे झगड़ती थी। एक दिन थप्पड़ मारने के बाद ममता ने साथ न रहने की जिद पकड़ ली। मनोज को डर था कि वह उसे छोड़कर मायके चली जाएगी, इसलिए वह उसे कमरे में बंद कर ताला लगा कर मजदूरी पर चला जाता था। एक सप्ताह तक ममता इसी हालत में भूखी-प्यासी बंद रही, जहां आखिरकार उसकी मौत हो गई।

पोस्टमार्टम में खुला मौत का राज

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने साफ किया कि ममता की मौत भूख और प्यास से हुई थी। आंतें सड़ चुकी थीं और पेट में केवल 50 मिलीलीटर फ्लूइड पाया गया। यानी ना खाना, न पानी, सिर्फ तड़प और सन्नाटा।

मृतका के पिता राकेश ने मनोज के अलावा उसके पूरे परिवार, ससुर, सास, जेठ-देवर पर भी हत्या का मुकदमा दर्ज कराया, लेकिन अदालत में साक्ष्य के अभाव में अन्य सभी को बरी कर दिया गया।

SP_Singh AURGURU Editor