आस्था का धाम बना मनौनाः पांच वर्ष बाद पूर्ण हुआ बाबा खाटू श्याम के शीश की स्थापना का संकल्प

-आरके सिंह- आंवला (बरेली)। उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद के ग्राम मनौना स्थित बाबा खाटू श्याम मंदिर आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आस्था का केंद्र बन चुका है। लाखों श्रद्धालुओं के विश्वास का प्रतीक बने मनौना धाम में पांच वर्षों के संकल्प, समर्पण और साधना के बाद बाबा खाटू श्याम के शीश की प्राण प्रतिष्ठा का कार्य सफलता पूर्वक संपन्न हुआ। धाम के महंत ओमेंद्र सिंह चौहान के अथक प्रयासों और अटूट श्रद्धा ने वह कार्य सिद्ध कर दिखाया, जो कभी असंभव माना जा रहा था।

Oct 14, 2025 - 19:40
Oct 14, 2025 - 19:41
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आस्था का धाम बना मनौनाः पांच वर्ष बाद पूर्ण हुआ बाबा खाटू श्याम के शीश की स्थापना का संकल्प
श्याम मंदिर मनौना का भव्य दृश्य। श्याम मंदिर मनौना में स्थापित बाबा खाटू श्याम के शीश की प्रतिमा। महंत ओमेंद्र सिंह और प्राण प्रतिष्ठा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।

आठ वर्ष पहले शुरू हुई भक्ति की यात्रा

महंत ओमेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि लगभग आठ वर्ष पूर्व उन्होंने अपनी पैतृक भूमि पर बाबा श्याम की पूजा-अर्चना प्रारंभ की थी। वर्ष 2020 में अपने जन्मदिन 7 अक्टूबर को बाबा की प्रेरणा से मंदिर निर्माण का संकल्प लिया और मंदिर की आधारशिला रखी। शुरुआती दौर में आर्थिक और व्यवस्थागत कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन बाबा श्याम पर अटूट विश्वास ने सभी बाधाओं को दूर कर दिया।

पांच वर्ष बाद साकार हुआ संकल्प

आधारशिला रखने के ठीक पांच वर्ष बाद 7 अक्टूबर 2025 को प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम संपन्न हुआ। काशी से पधारे आचार्य विमलेश दुबे के आचार्यत्व में सप्तऋषि अशोक कुमार पांडेय, जयप्रकाश पांडेय, भारत पांडेय, राजेश मिश्रा, कमलेश दुबे और संदीप दुबे ने 3 से 7 अक्टूबर तक वैदिक विधि-विधान से प्राण प्रतिष्ठा करवाई।

देश-विदेश से उमड़े श्रद्धालु

बरसात के बावजूद देश और विदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं ने प्राण प्रतिष्ठा में सहभागिता की। महंत ओमेंद्र सिंह चौहान को जन्मदिन की शुभकामनाएं देने और आशीर्वाद प्राप्त करने वालों का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं का कहना था कि बाबा श्याम के दरबार से हर मनोकामना पूरी होती है और यहां से कोई खाली नहीं लौटता।

विश्व आस्था का केंद्र बना मनौना धाम

मंदिर प्रबंधक श्यामेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि मनौना धाम अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुका है। बरेली से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस मंदिर तक पहुंचने के लिए परिवहन विभाग ने सिटी बस सेवा शुरू कर दी है। बदायूं से 28 किमी, मुरादाबाद से 90 किमी, दिल्ली से 250 किमी और लखनऊ से 300 किमी दूरी पर स्थित यह धाम अब हजारों श्रद्धालुओं की पहली पसंद बन चुका है।

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने मंदिर परिसर में स्थायी पुलिस चौकी की स्थापना की है। साथ ही क्षेत्र में ठहरने और भोजन की पर्याप्त व्यवस्थाएं भी की गई हैं।

SP_Singh AURGURU Editor