मुड़िया पूर्णिमा मेला-2026 की तैयारियों में जुटा मथुरा प्रशासन, 15 जुलाई तक सभी इंतजाम पूरे करने के निर्देश; गोवर्धन परिक्रमा मार्ग होगा अतिक्रमण मुक्त, तिरंगा लाइटिंग और वॉल पेंटिंग से सजेगा धाम
मथुरा में विश्व प्रसिद्ध मुड़िया पूर्णिमा मेला-2026 की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने समीक्षा बैठक कर सभी विभागों को 15 जुलाई तक व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए। प्रशासन ने गोवर्धन परिक्रमा मार्ग को अतिक्रमण मुक्त बनाने, प्लास्टिक मुक्त मेला आयोजित करने तथा सुरक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, यातायात, पार्किंग और स्वच्छता की व्यापक तैयारियां सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
-कमलकांत उपमन्यु-
मथुरा। विश्व प्रसिद्ध मुड़िया पूर्णिमा मेला-2026 को सुरक्षित, व्यवस्थित और भव्य बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि 15 जुलाई तक प्रत्येक व्यवस्था हर हाल में पूरी कर ली जाए। बैठक में गोवर्धन परिक्रमा मार्ग को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराने, प्लास्टिक मुक्त मेला आयोजित करने, सुरक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, यातायात, पार्किंग और साफ-सफाई सहित सभी व्यवस्थाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
23 से 30 जुलाई तक आयोजित होने वाले मुड़िया पूर्णिमा मेले की तैयारियों की जानकारी देते हुए अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमरेश कुमार ने बताया कि मेला क्षेत्र को 9 सुपर जोन, 21 जोन और 62 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत 6 स्थायी पुलिस चौकियां, 37 अस्थायी पुलिस चौकियां, 31 वॉच टावर, 150 बैरियर, 183 सीसीटीवी कैमरे, 350 सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली, 1281 एलईडी लाइटें, 14 सेमी मास्ट लाइट, एक हाई मास्ट लाइट तथा 212 सोलर लाइटें स्थापित की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 5 खोया-पाया केंद्र, 140 हैंडपंप, 30 पेयजल टैंकर, 17 आरओ प्लांट, 25 मोबाइल शौचालय, 3 जनसुविधा केंद्र, 61 पार्किंग स्थल, 16 अस्थायी चिकित्सा सहायता केंद्र, दो स्वयंसेवी संस्थाओं के चिकित्सा शिविर, 5 मोटरसाइकिल एंबुलेंस टीमें, 14 एंबुलेंस, 1100 रोडवेज बसें, 19 अग्निशमन वाहन, 54 गिरिराज मोबाइल, 6 हेल्थ मोबाइल, गोवर्धन एवं वृंदावन में 600 ड्यूटी प्वाइंट, 24 संचार व्यवस्था, 22 चिकित्सा शिविर, दो प्लाटून पीएसी फ्लड, एक एसडीआरएफ टीम मानसी गंगा पर, सात स्थानों पर दो कंपनियां पीएसी, तीन सीसीटीवी कंट्रोल रूम तथा नौ सब-कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे।
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि वर्ष 2025 में मुड़िया पूर्णिमा मेले में डेढ़ करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे। इस वर्ष इससे भी अधिक संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसलिए सभी विभाग पूरी जिम्मेदारी और समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि इस बार मुड़िया पूर्णिमा मेला पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त होगा।
विद्युत विभाग को निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सभी बिजली के खंभों की प्लास्टिक रैपिंग कराई जाए, क्षतिग्रस्त पोलों को तत्काल हटाकर नए पोल लगाए जाएं, सभी ट्रांसफार्मरों की फेंसिंग और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा अतिरिक्त ट्रांसफार्मरों की व्यवस्था पहले से तैयार रखी जाए।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि 15 जुलाई तक सभी विभाग अपनी तैयारियां पूरी कर लें। गोवर्धन परिक्रमा मार्ग को आकर्षक बनाने के लिए वॉल पेंटिंग, झालर लाइटिंग, तिरंगा लाइटिंग, फसाड लाइटिंग और विशेष सजावट कराई जाएगी। मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण को सभी स्ट्रीट लाइटों और सोलर लाइटों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।
लोक निर्माण विभाग को बैरिकेडिंग, बैरियर, वॉच टावर, पार्किंग व्यवस्था तथा पार्किंग स्थलों पर पर्याप्त प्रकाश, पेयजल, शौचालय, रैंप और दिशा-सूचक बोर्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। उप जिलाधिकारी गोवर्धन को होटल, आश्रम, ढाबा और रेस्टोरेंट संचालकों के साथ बैठक कर स्वच्छता, सजावट और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के संबंध में आवश्यक निर्देश देने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने परिक्रमा मार्ग पर आवश्यक स्थानों पर मिट्टी डलवाने तथा कहीं भी जलभराव न होने देने के निर्देश दिए। भंडारों को नियमानुसार अनुमति देने और भोजन की गुणवत्ता तथा साफ-सफाई सुनिश्चित कराने को कहा। अधिशासी अधिकारी गोवर्धन, राधाकुंड और उप जिलाधिकारी गोवर्धन को मेला क्षेत्र और परिक्रमा मार्ग को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने एकीकृत कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए, जहां स्वास्थ्य, पुलिस, परिवहन, अग्निशमन, विद्युत, विकास प्राधिकरण, पंचायती राज, विद्युत सुरक्षा और नगर पंचायत सहित सभी विभागों के अधिकारी एक साथ मौजूद रहेंगे ताकि किसी भी आपात स्थिति का तत्काल समाधान किया जा सके।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को मिलावटी खाद्य पदार्थों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही यह भी कहा गया कि कार्रवाई के नाम पर किसी का शोषण नहीं होना चाहिए। होटल, आश्रम और रेस्टोरेंट संचालकों को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए जागरूक किया जाए।
जिलाधिकारी ने पर्याप्त मोबाइल पानी के टैंकर और मोबाइल शौचालय उपलब्ध कराने, बड़े नालों की सफाई कराने तथा अन्यौर क्षेत्र में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने के भी निर्देश दिए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सभी चिकित्सा शिविरों में चिकित्सकों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित कराने तथा शिविरों पर बड़े सूचना बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने बाइक एंबुलेंस, एंबुलेंस और सरकारी तथा निजी अस्पतालों की मैपिंग कराने, एंटी-वेनम दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा क्षेत्राधिकारी गोवर्धन को सभी पीए सिस्टम और सीसीटीवी कैमरों को पूरी क्षमता से संचालित करने के निर्देश दिए। पार्किंग स्थलों पर पुलिस कर्मियों के लिए शेड बनाने तथा डायवर्जन योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को सभी निराश्रित गोवंशों को गौशालाओं में संरक्षित कराने तथा वरिष्ठ सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी को सभी ई-रिक्शा चालकों की बैठक लेकर यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. पंकज कुमार वर्मा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमरेश कुमार, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे नंद प्रकाश मौर्य, अपर जिलाधिकारी न्यायिक वेद प्रिय आर्य, सचिव मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण आशीष कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी धनंजय जायसवाल, उप जिलाधिकारी गोवर्धन सुशील कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।