'शादी के लिए दरोगा' बन गया मथुरा का गौरव शर्मा, शाहजहांपुर में वर्दी और बैज के साथ पकड़ा गया
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में पुलिस ने एक फर्जी सब-इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किया है, जो पुलिस वर्दी और नकली पहचान के दम पर लोगों को धोखा दे रहा था। आरोपी गौरव शर्मा ने कबूला कि उसका उद्देश्य सिर्फ एक ‘अच्छी शादी’ करना था और इसे हासिल करने के लिए उसने ‘नकली दरोगा’ की भूमिका निभाई। पुलिस ने वर्दी, बैज और झूठी कहानियों के सहारे चल रही उसकी ठगी का भंडाफोड़ कर दिया है।
-राजीव शर्मा-
शाहजहांपुर। एक ज़रा-सी वर्दी और बड़ी-बड़ी बातें, इसी के दम पर मथुरा निवासी गौरव शर्मा यूपी पुलिस का ‘दरोगा’ बनकर घूम रहा था। लेकिन सोमवार रात शाहजहांपुर जिले के खुटार थाना क्षेत्र में उसकी ढोंग की कहानी खुटार पुलिस की चेकिंग के दौरान सामने आ गई।
अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) दीक्षा भवरे ने बताया कि सोमवार रात पुलिस की एक टीम वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक कार के अंदर यह जालसाज पकड़ा गया। कार में सब-इंस्पेक्टर का बैज लगी वर्दी टंगी देख संदेह हुआ और पूछताछ के बाद इसका फर्जीवाड़ा पकड़ में आ गया।
जब उससे पूछा गया कि वह किस जिले में तैनात है, तो गौरव ने बताया कि वह लखीमपुर खीरी में तैनात है। लेकिन पुलिस ने जब लखीमपुर खीरी पुलिस से संपर्क किया तो पता चला कि कोई भी ‘गौरव शर्मा’ नाम का सब इंस्पेक्टर वहां नहीं है। तब जाकर ये ‘नकली खाकी’ उतरनी शुरू हुई।
गौरव ने पूछताछ में जो कबूलनामे दिए, उनसे पुलिस भी हैरान रह गई। उसने बताया कि उसकी शादी नहीं हो रही थी, इसलिए उसने सोचा कि ‘सरकारी नौकरी और दरोगा की वर्दी’ उसे एक अच्छी दुल्हन दिला देगी। उसने खुद वर्दी सिलवाई, बैज खरीदा और जहां जरूरी होता, वर्दी पहनकर रौब दिखाता। यहां तक कि वर्दी पहनकर वह टोल टैक्स भी बचा लेता था।
आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए ऐसे-ऐसे बयान दिए कि वह अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) द्वारा डायरेक्ट भर्ती किया गया है और कई जिलों में उसकी पोस्टिंग हुई है, लेकिन उसकी कहानियों की तरह सब दावे भी फर्जी निकले।
वर्तमान में आरोपी गौरव शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी और संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है और उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वर्दी और बैज कैसे हासिल किए गए और कहीं इसका इस्तेमाल किसी और अपराध में तो नहीं हुआ।