कमिश्नरी तिराहे पर राम मंदिर मॊडल का मामला रक्षा मंत्री तक पहुंचा, डॊ. धर्मेश ने लिखा पत्र
आगरा। आगरा में मंडलायुक्त कार्यालय के सामने (शास्त्री चौराहे) पर छावनी बोर्ड की भूमि पर नगर निगम द्वारा स्थापित कराए गये राम मंदिर के मॊडल का मामला रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तक पहुंच गया है। विधायक डॊ.जीएस धर्मेश ने इस मामले में रक्षा मंत्री को एक पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है कि इस मॊडल को यहां से न हटाया जाए।
डॊ. धर्मेश ने अपने पत्र में लिखा है कि है जिस तिराहे पर एक ओर राम मंदिर का मॊडल रखवाया गया है, वह वही जगह है जहां से एक रोड ताजमहल तथा दूसरी रोड ताजमहल के लिए जाती है। यहां से हर रोज देशी-विदेशी सैलानी गुजरते हैं। चंद सालों पहले तक इस स्थान पर गंदगी का ढेर लगा रहता था, जिससे पर्यटकों के मन में आगरा की गलत छवि बनती थी।
20 फरवरी को आगरा में हुई जी-20 की बैठक से पहले आगरा नगर निगम ने इस स्थान से गंदगी हटाकर इसका सौंदर्यीकरण किया था। यहां आकर्षक ग्लोब, फाउंटेन, घास और विभिन्न प्रकार की रंगीन लाइटें लगाई गई थीं। नगर निगम द्वारा सौंदर्यीकरण किए जाने के बाद यह स्थल इतना सुंदर बन गया था कि लोग यहां रुक-रुक कर सेल्फी लेने लगे थे।
विधायक ने पत्र में लिखा है कि अब नगर निगम ने इसी तिराहे पर श्रीराम मंडिर का एक आकर्षक मॊडल रखवा दिया है। इस पर छावनी बोर्ड के अध्यक्ष ब्रिगेडियर नवीन कुमार आपत्ति जता रहे हैं। यही नहीं, इस मंदिर मॊडल को पैराशूट से पूरी तरह ढंक दिया गया है। इस जगह को रक्षा मंत्रालय की बताकर मॊडल को हटाने की बात कही जा रही है।
डॊ. धर्मेश ने कहा कि कभी यह स्थल गंदगी का ढेर दिखता था और नगर निगम ने इसका सौंदर्यीकरण कराया था, तब छावनी बोर्ड को कोई आपत्ति नहीं थी। अब राम मंडिर का आकर्षक मॊडल रखते ही इसे हटाने को कहा जा रहा है। उन्होंने लिखा है कि नगर निगम ने मंडिर का मॊडल रखवाकर इस जगह की खूबसूरती ही बढ़ाई है। जहां तक भूमि के स्वामित्व का सवाल है, वह पहले भी रक्षा मंत्रालय की थी और आगे भी रक्षा मंत्रालय की रहेगी। पत्र में अनुरोध किया गया है कि राम मंदिर का मॊडल न हटाए जाने के लिए छवनी बोर्ड के अध्यक्ष को निर्देशित करें।