एमबीए दिमाग, एआई तकनीक और नशे का साम्राज्य: पुणे के हाईटेक फ्लैट में हाइड्रोपोनिक गांजा खेती का पर्दाफ़ाश, क्रिप्टोकरेंसी में करते थे लेन-देन, दो एमबीए डिग्रीधारकों समेत चार गिरफ्तार
महाराष्ट्र के पुणे में नशे के अवैध कारोबार ने जब तकनीक का चोला ओढ़ लिया, तो अपराध भी हाईटेक हो गया। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से किराए के फ्लैट में हाइड्रोपोनिक तकनीक द्वारा गांजा उगाने वाले दो एमबीए डिग्रीधारकों समेत चार आरोपियों को पुणे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। हिंजवाड़ी इलाके में संचालित यह गुप्त ‘इनडोर फार्म’ शहर भर में मादक पदार्थों की सप्लाई कर रहा था, जिसे पुलिस ने समय रहते ध्वस्त कर दिया।
एयर-कंडीशंड फ्लैट में हाईटेक खेती
पुणे। पुणे पुलिस ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से किराए के फ्लैट में हाइड्रोपोनिक तकनीक द्वारा गांजा उगाने वाले दो एमबीए डिग्रीधारकों समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, हिंजवाड़ी के एक किराए के फ्लैट को पूरी तरह एयर-कंडीशंड कर हाइड्रोपोनिक यूनिट में बदला गया था। यहां उच्च गुणवत्ता वाली ओजी-कुश किस्म का गांजा उगाया जा रहा था।
आरोपी सुमित देदवाल (25) और अक्षय मेहर (25), जो एमबीए डिग्रीधारक और मूल रूप से छत्रपति संभाजीनगर के निवासी हैं, ने खेती की पूरी योजना, तापमान, रोशनी और नमी नियंत्रण के लिए एआई आधारित टूल्स का इस्तेमाल किया।
एआई से डिजाइन, सटीक उत्पादन
जांच में सामने आया कि फ्लैट की डिजाइनिंग से लेकर पौधों की ग्रोथ साइकिल तक सब कुछ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से नियंत्रित किया जा रहा था। इससे कम जगह में ज्यादा और बेहतर गुणवत्ता का उत्पादन संभव हुआ, जिसे बाद में शहरभर में सप्लाई किया जाता था।
डार्क वेब और क्रिप्टो से चलता था खेल
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कच्चा माल जुटाने के लिए आरोपियों ने डार्क वेब और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का सहारा लिया। लेन-देन क्रिप्टोकरेंसी के जरिए किए जाते थे, ताकि पहचान और ट्रांजैक्शन छुपे रहें।
फ्लैट से गांजा, हाइड्रोपोनिक उपकरण, पौधे और अन्य सामग्री मिलाकर करीब 45 लाख रुपये का माल जब्त किया गया है।
मुंबई तक फैला था नेटवर्क, करोड़ों की बरामदगी
पूछताछ में मुंबई के दो सप्लायर, मालय राजेश देलीवाला (28) और स्वराज भोसले (28)—के नाम सामने आए, जिन्हें हिरासत में ले लिया गया।
देलीवाला के घर पर छापेमारी में हाइड्रोपोनिक गांजा, साधारण गांजा, हैश, सीबीडी ऑयल और अन्य प्रतिबंधित पदार्थ बरामद हुए, जिनकी कुल कीमत करीब 2.8 करोड़ रुपये आंकी गई है।
थाईलैंड कनेक्शन की भी हो रही जांच
प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह मादक पदार्थ थाईलैंड स्थित सप्लायर से इलेक्ट्रॉनिक सामान की आड़ में मंगवाया जा रहा था। पुलिस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के एंगल से भी जांच आगे बढ़ा रही है।
पुणे पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई दिखाती है कि नशे का कारोबार अब पढ़े-लिखे युवाओं और नई तकनीक का दुरुपयोग कर रहा है। आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों की गिरफ्तारी संभव है।