मीट एट आगराः कल दूसरे दिन फैक्टरिंग, बैंकिंग और भविष्य निधि पर होगा ज्ञानवर्धक सत्र

आगरा। फुटवियर उद्योग के महाकुंभ ‘मीट एट आगरा’ के दूसरे दिन यानि शनिवार को आयोजित होने जा रहा विशेष सेमिनार उद्योग जगत के लिए नई वित्तीय दृष्टि लेकर आएगा। इसमें फैक्टरिंग, बैंकिंग, भविष्य निधि (पीएफ) और ईसीजीसी (एक्स्पोर्ट क्रेडिड गारंटी कोआपरेशन) जैसे विषयों पर गहन चर्चा होगी। इस सत्र का उद्देश्य उद्योगों को वित्तीय प्रबंधन, निर्यात सुरक्षा और नकदी प्रवाह के व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराना है ताकि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) अपनी आर्थिक क्षमता को और सशक्त बना सकें।

Nov 7, 2025 - 20:10
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 मीट एट आगराः कल दूसरे दिन फैक्टरिंग, बैंकिंग और भविष्य निधि पर होगा ज्ञानवर्धक सत्र

सेमिनार के पहले सत्र में फैक्टरिंग विषय पर विशेषज्ञ बताएंगे कि उद्योगपति अपने बकाया बिलों या इनवॉइस को वित्तीय संस्थानों से तत्काल नकदी में परिवर्तित कर पूंजी की कमी को दूर कर सकते हैं। इससे न केवल नकदी प्रवाह सुधरेगा बल्कि उत्पादन भी बिना रुकावट जारी रहेगा।

दूसरे सत्र में बैंकिंग और ईसीजीसी से संबंधित चर्चाएं होंगी, जिनमें निर्यात कारोबार के वित्तीय जोखिमों, अंतरराष्ट्रीय भुगतान सुरक्षा, बीमा योजनाओं और क्रेडिट गारंटी की प्रणाली को विस्तार से समझाया जाएगा। विशेषज्ञ बताएंगे कि इन योजनाओं का लाभ लेकर उद्यमी अपने निर्यात व्यवसाय को और अधिक सुरक्षित तथा प्रतिस्पर्धी बना सकते हैं।

तीसरे सत्र में भविष्य निधि से जुड़ी जानकारी दी जाएगी, जिसमें श्रमिक कल्याण, कर्मचारी हित और कानूनी अनुपालनों के पहलुओं पर चर्चा होगी। उद्योग प्रतिनिधियों को यह बताया जाएगा कि पीएफ प्रावधानों के सही अनुपालन से न केवल श्रमिकों का विश्वास बढ़ता है, बल्कि संस्थागत पारदर्शिता और स्थायित्व भी मजबूत होता है।

कार्यक्रम में वित्तीय विशेषज्ञ, बैंक प्रतिनिधि, निर्यात सलाहकार और उद्योग संगठन के पदाधिकारी अपने अनुभव साझा करेंगे। वे बताएंगे कि वित्तीय योजनाओं और सरकारी नीतियों का प्रभावी उपयोग कर उद्योग अपनी पूंजी संरचना को कैसे मज़बूत बना सकते हैं।

एफमेक अध्यक्ष गोपाल गुप्ता ने बताया कि यह सेमिनार न केवल फुटवियर उद्योग बल्कि टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, फर्नीचर और एक्सपोर्ट यूनिट्स जैसे सभी औद्योगिक क्षेत्रों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि वित्तीय साक्षरता और नीति जागरूकता ही आज के प्रतिस्पर्धी बाजार में दीर्घकालिक सफलता की कुंजी है।

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SP_Singh AURGURU Editor