भोजन से जुड़ा है मानसिक स्वास्थ्य, संतुलित आहार के मनोवैज्ञानिक लाभ भी

आगरा। मानसिक स्वास्थ्य को लेकर शहरवासियों में जागरूकता बढ़ाने हेतु फीलिंग्स माइंड्स संस्था द्वारा आयोजित पहले मेंटल हेल्थ कार्निवल के छठवें दिन शुक्रवार को “फूड फॉर मेंटल हेल्थ” विषय पर विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि भोजन का सीधा संबंध हमारी मानसिक सशक्तता से होता है और किस तरह सही आहार, उसका तरीका और मानसिक स्थिति एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं।

Apr 18, 2025 - 18:22
 0
भोजन से जुड़ा है मानसिक स्वास्थ्य, संतुलित आहार के मनोवैज्ञानिक लाभ भी
फीलिंग्स माइंड्स सेंटर, विमल विहार (सिकंदरा-बोदला रोड) में आयोजित मेंटल हेल्थ कार्निवल के दौरान “फूड फॉर मेंटल हेल्थ” विषय पर विचार साझा करतीं मुख्य वक्ता आकृति सेठी। मंच पर मौजूद रचना अग्रवाल, मनप्रीत छाबा और डॉ चीनू अग्रवाल।  

-फीलिंग्स माइंड्स संस्था के कार्निवल में छठवें दिन फूड फॊर मेंटल हेल्थ विषय पर हुई कार्यशाला

कार्यशाला का शुभारंभ मनप्रीत छाबा, डायटिशियन रचना अग्रवाल, मुख्य वक्ता आकृति सेठी और संस्था की संस्थापक एवं मनोवैज्ञानिक डॉ चीनू अग्रवाल द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।

भोजन का स्वाद ही बनाता है मन प्रसन्न

मुख्य वक्ता आकृति सेठी ने बताया कि ओमेगा-3 फैटी एसिड, हरी सब्जियां, अश्वगंधा, ग्रीन टी, और विटामिन बी6 युक्त आहार मानसिक स्वास्थ्य को सकारात्मक बनाए रखने में बेहद सहायक हैं। उन्होंने यह भी बताया कि खाने के हर स्वाद को महसूस करने से न केवल भोजन की गुणवत्ता बढ़ती है, बल्कि मानसिक गुणवत्ता में भी मदद मिलती है।

डॉ चीनू अग्रवाल ने कहा कि बचपन से ही शारीरिक ताकत के लिए भोजन पर ध्यान दिया जाता है, लेकिन अब समय है कि मानसिक मजबूती के लिए भी खानपान को प्राथमिकता दी जाए।

माइंडफुल ईटिंग है मानसिक मजबूती की कुंजी

डायटिशियन रचना अग्रवाल ने 'माइंडफुल ईटिंग' की अवधारणा को समझाया। उन्होंने बताया कि यदि भोजन करते समय व्यक्ति माइंडफुल ईटिंग करता है तो तो ओवरईटिंग और भावनात्मक खाने की प्रवृत्ति कम होती है। इससे मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है।

कार्यशाला के अंत में उपस्थित प्रतिभागियों को खाद्य-आधारित मानसिक व्यायाम भी कराया गया, जो एक अनूठा अनुभव रहा।

फूलों का रंग और भोजन: नई संस्था 'शराची' का शुभारंभ

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में संस्था से जुड़ी एक नई पहल शराची  संस्था का उद्घाटन हुआ। सह-संस्थापक डॉ रविंद्र अग्रवाल ने बताया कि संस्था के माध्यम से धर्मगुरु अरविंदो के दर्शन पर आधारित फूलों के रंगों का मानसिक व्यवहार पर प्रभाव विषय पर कार्य होगा और मानसिक चिकित्सा में उनका उपयोग किया जाएगा।

शनिवार को “कहानियों का मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव” विषय पर अगली कार्यशाला होगी। वक्ता होंगे शैलेश जिंदल और रुपाली चरण।

SP_Singh AURGURU Editor