डॉक्टर बनने की राह में मानसिक मजबूती ज़रूरी, एसएन मेडिकल कॉलेज में मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर चर्चा

आगरा। सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एसएन मेडिकल कॉलेज), आगरा में एमबीबीएस की लगभग 350 छात्राओं के लिए एक मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मेडिकल शिक्षा के दौरान बढ़ते शैक्षणिक दबाव, तनाव और मानसिक चुनौतियों के प्रति छात्राओं को जागरूक करना तथा उन्हें मानसिक रूप से सशक्त बनाना था।

Dec 15, 2025 - 17:48
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डॉक्टर बनने की राह में मानसिक मजबूती ज़रूरी, एसएन मेडिकल कॉलेज में मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर चर्चा
मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम में शामिल एसएन मेडिकल कॉलेज की छात्राएं ।

आगरा। सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एसएन मेडिकल कॉलेज), आगरा में एमबीबीएस की लगभग 350 छात्राओं के लिए एक मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मेडिकल शिक्षा के दौरान बढ़ते शैक्षणिक दबाव, तनाव और मानसिक चुनौतियों के प्रति छात्राओं को जागरूक करना तथा उन्हें मानसिक रूप से सशक्त बनाना था।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. रुचिका गर्ग, प्रोफेसर, गायनिक विभाग एवं डॉ. कश्यपी गर्ग, असिस्टेंट प्रोफेसर, साइकियाट्री विभाग द्वारा किया गया। दोनों विशेषज्ञों ने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर व्याप्त भ्रांतियों को दूर करते हुए छात्राओं को बताया कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है।

सत्र के दौरान वक्ताओं ने मेडिकल छात्रों के सामने आने वाले एग्जाम स्ट्रेस, लंबी स्टडी आवर्स, प्रतिस्पर्धा और भावनात्मक दबाव जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि समय प्रबंधन, पर्याप्त नींद, सकारात्मक सोच, नियमित शारीरिक गतिविधि और अपने भावनात्मक अनुभव साझा करना मानसिक संतुलन बनाए रखने में सहायक होता है।

छात्राओं को यह भी स्पष्ट संदेश दिया गया कि यदि कभी मानसिक तनाव, घबराहट, उदासी या अवसाद जैसी स्थिति महसूस हो, तो साइकियाट्रिक डॉक्टर से परामर्श लेने में बिल्कुल भी झिझक न करें। मानसिक बीमारी को भी अन्य सामान्य बीमारियों की तरह स्वीकार करना चाहिए और समय पर इलाज बेहद जरूरी है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल एवं डीन डॉ. प्रशांत गुप्ता ने कहा कि अगर हमारा मानसिक स्वास्थ्य मजबूत रहेगा, तो हम जीवन की किसी भी चुनौती का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकते हैं। स्वस्थ मन ही सफल चिकित्सक की नींव होता है।

कॉलेज प्रशासन ने बताया कि यह कार्यक्रम छात्रों के लिए सकारात्मक और स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि मेडिकल छात्र न केवल शैक्षणिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी सशक्त बन सकें।