रामोत्सव में गूंजा मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का संदेश, 11 दंपतियों ने किया हवन, हुआ गौ-तुलसी पूजन

आगरा के मारुति एंक्लेव एक्सटेंशन, अलबतिया में विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल पश्चिम महानगर, बृज प्रांत द्वारा सोमवार को भव्य रामोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। सुबह 11 दंपतियों ने संयुक्त हवन-पूजन कर प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया, जबकि शाम को गौ-पूजन और तुलसी-पूजन के साथ राम जन्मोत्सव मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुकेश विनायक राव खांडेकर, संत श्री कृष्ण गिरी जी महाराज, योगी जहाज नाथ और डॉ. अरुण जैन ने दीप प्रज्वलन से किया। वक्ताओं ने श्रीराम के आदर्श जीवन को अपनाकर भारत को विश्व गुरु बनाने का संदेश दिया। आयोजन में कई पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और समाजसेवी मौजूद रहे।

Apr 6, 2026 - 19:57
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रामोत्सव में गूंजा मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का संदेश, 11 दंपतियों ने किया हवन, हुआ गौ-तुलसी पूजन
विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल रामोत्सव कार्यक्रम में पहुंचे विश्व हिंदू परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री मुकेश विनायक राव खांडेकर का स्वागत करते रवि त्रिलोकानी आदि।

आगरा। विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल रामोत्सव कार्यक्रम पश्चिम महानगर, बृज प्रांत की ओर से सोमवार को मारुति एंक्लेव एक्सटेंशन, अलबतिया में श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक उत्साह के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में धार्मिक अनुष्ठानों, हवन-पूजन, गौ-पूजन, तुलसी-पूजन और प्रभु श्रीराम के आदर्शों पर आधारित प्रेरक उद्बोधनों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह विशेष धार्मिक अनुष्ठान से हुई, जिसमें 11 दंपतियों ने संयुक्त रूप से हवन-पूजन कर प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया। यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना का भी संदेश देता नजर आया।

शाम के सत्र में गौ-पूजन और तुलसी-पूजन के साथ राम जन्मोत्सव का कार्यक्रम आयोजित किया गया। मंचीय कार्यक्रम का शुभारंभ विश्व हिंदू परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री मुकेश विनायक राव खांडेकर, मुख्य अतिथि संत श्री कृष्ण गिरी जी महाराज, योगी जहाज नाथ तथा कार्यक्रम अध्यक्ष एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण जैन द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।

इस अवसर पर मुख्य वक्ता मुकेश विनायक राव खांडेकर ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद द्वारा देशभर में निरंतर रामोत्सव कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम जन्म से महान नहीं थे, बल्कि अपने आदर्श, अनुशासित और धार्मिक जीवन-पथ के कारण वे ‘श्रीराम’ और ‘महान’ बने।

उन्होंने कहा कि यदि समाज श्रीराम के आदर्श जीवन, त्याग, मर्यादा, कर्तव्य और धर्मनिष्ठा को अपनाए, तो भारत पुनः विश्व गुरु बन सकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भारत को विश्व गुरु बनाना ही इस प्रकार के आयोजनों का प्रमुख उद्देश्य है।

संत श्री कृष्ण गिरी जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रभु श्रीराम के गुणों को जीवन में उतारना ही सच्ची आराधना है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण दोनों ही लीला और चरित्र की दृष्टि से सनातन संस्कृति के सर्वोच्च आदर्श हैं। उन्होंने प्रभु श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम बताते हुए उनके आदर्श चरित्र, सत्यनिष्ठा, परिवार भावना, समाज के प्रति समर्पण और धर्मपालन की विस्तृत व्याख्या की।

कार्यक्रम में प्रांत संगठन मंत्री राजेश कुमार ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन समाज को जोड़ने और नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। अंत में उपाध्यक्ष रवि त्रिलोकानी ने सभी अतिथियों, संतजनों, पदाधिकारियों और उपस्थित श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने प्रभु श्रीराम की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि राम का नाम और राम का आचरण, दोनों ही मानव जीवन को दिशा देने वाले हैं।

कार्यक्रम के दौरान धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से समाजसेवी जितेंद्र त्रिलोकानी, विभाग संगठन मंत्री सुशील कुमार, उपाध्यक्ष रवि त्रिलोकानी, पार्षद मीनाक्षी वर्मा, सुनील पाराशर, राकेश त्यागी, कन्हैया लाल त्रिलोकानी, राजीव शर्मा, अनुराग उपाध्याय, सुरेंद्र चौधरी, हर्ष चौधरी, सौरभ शर्मा, तुषार बवेजा, अनुज पाठक, विजय तिलोकानी, अमन कपूर और राजा खटीक सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

पूरे आयोजन में भक्ति, संस्कार, पर्यावरण संरक्षण और सनातन मूल्यों का सुंदर समन्वय देखने को मिला। रामोत्सव ने न केवल धार्मिक उत्साह जगाया, बल्कि समाज को श्रीराम के आदर्शों पर चलने और राष्ट्र निर्माण में सहभागिता का संदेश भी दिया।