गौ महिमा महोत्सव में शिव की शरण का संदेश, फ्लोरोसेंट पेंट से गोवंश रक्षा की पहल
आगरा। सूरसदन में चल रहे गौ महिमा महोत्सव के छठवें दिन श्रद्धा, समर्पण और सामाजिक चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिला। शिव महापुराण की दिव्य कथा में रसराज जी महाराज ने शिव की शरण में जाकर काम, क्रोध और अहंकार से मुक्ति पाने का मार्ग बताया। वहीं आयोजन से जुड़े पार्षद मुरारी लाल गोयल 'पेंट वाले' ने रात के समय गोवंश की रक्षा के लिए उनके सींगों पर फ्लोरोसेंट पेंट लगाने का सुझाव प्रस्तुत किया, जिससे दुर्घटनाएं रोकी जा सकें।
गौ सेवा को बताया जीवन का सर्वोच्च धर्म
रसराज जी महाराज ने कथा के दौरान कहा, संसार में गौ माता से मूल्यवान कुछ भी नहीं। सभी लोकों में गोलोकधाम सबसे ऊपर है, जिसकी कल्पना भी गौ माता के बिना नहीं की जा सकती। कथा के बीच “हरीहर हरीहर” जप करते हुए पूरा पंडाल भक्ति रस में डूब गया।
नाट्य प्रस्तुति और भजन से भक्त हुए भावविभोर
साहित्यकार स्नेहलता एवं उनके समूह ने कामधेनु गौ माता पर भावपूर्ण नाट्य प्रस्तुत किया, जिसने भक्तों की चेतना को झकझोर दिया। वहीं बिहारी दास जी महाराज ने प्यारी जू मोपे कृपा करो... भजन गाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
गोविंद वहीं हैं जहां गौ होती है
पीपा पीठाधीश्वर श्री बलराम बाबा ने कहा, जहां गौ है वहाँ गोविंद हैं। गौ सेवा के बिना गोविंद भी नहीं रहते। जाति-धर्म के भेद को मिटाकर हमें एक परमात्मा का अंश समझकर सेवा करनी चाहिए।
पार्षद मुरारी लाल गोयल ने बताया कि राजस्थान के संत गोपालानंद महाराज 20 से 22 जुलाई तक प्रतिदिन शाम 4 से रात 8 बजे तक गौ महिमा पर विशेष व्याख्यान देंगे।
आरती में शामिल हुए गणमान्यजन
आरती उतारने वालों में गोपेश कृष्ण दास, पार्षद मुरारी लाल गोयल, पूर्व पार्षद कुंदनिका शर्मा, अजीत माहापात्र, ऋषि उपाध्याय, सुमन गोयल, भजन गायक पंडित मनीष शर्मा, यजमान मनोज यादव, मनोज गुप्ता, कुमकुम उपाध्याय, विजय ओझा, सनातन केसरी, प्रवीण भारद्वाज, विनोद गर्गाचार्य, आकाश त्यागी, उमा दत्त शर्मा शामिल रहे।