बाबू जगजीवन राम जयंती पर गूंजा सामाजिक समरसता का संदेश, डॊ. रामजी लाल को समाज रत्न सम्मान
आगरा। देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम की 119वीं जयंती पर जाटव समाज उत्थान समिति द्वारा बाबू जगजीवन राम पार्क में आयोजित समारोह में सामाजिक समरसता, शिक्षा और समानता के संदेश के साथ पूर्व चिकित्सा निदेशक डॉ. रामजी लाल को समाज रत्न की उपाधि से सम्मानित कर नागरिक अभिनंदन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग शामिल हुए।

बाबू जगजीवन राम की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित करतीं यूपी की कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य। साथ हैं अन्य अतिथिगण।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित महिला कल्याण एवं बाल विकास मंत्री बेबीरानी मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को शिक्षा के लिए प्रति वर्ष 1200 रुपये ड्रेस एवं किताबों हेतु दे रही है। साथ ही निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत गरीब बच्चों का प्रवेश अनिवार्य किया गया है, क्योंकि शिक्षा के बिना किसी भी वर्ग की प्रगति संभव नहीं है। उन्होंने बाबू जगजीवन राम की प्रतिमा स्थापना के लिए समिति के समर्पित कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि यह संगठन लगातार समाज सेवा में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
छावनी क्षेत्र के विधायक एवं पूर्व मंत्री डॉ. जी.एस. धर्मेश ने कहा कि डॉ. भीमराव ऒम्बेडकर और बाबू जगजीवन राम के सपनों को साकार करने के उद्देश्य से देवरी रोड पर राजकीय महाविद्यालय का निर्माण कराया गया है, जिससे क्षेत्र के छात्रों को अब दूर नहीं जाना पड़ता। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि किसी भी छात्र को प्रवेश में समस्या आने पर तत्काल समाधान कराया जाएगा। धर्मेश ने बताया कि बाबू जगजीवन राम की स्मृति में पहले ही यहां पुस्तकालय का निर्माण कराया जा चुका है और आगामी वर्ष में पार्क में और विकास कार्य कराए जाएंगे।
पूर्व मंत्री गंगा प्रसाद पुष्कर ने आगरा के माल रोड का नाम बाबू जगजीवन राम मार्ग किए जाने की मांग दोहराई। समिति के संरक्षक देवकीनंदन सोन ने बताया कि जाटव समाज उत्थान समिति पिछले 49 वर्षों से समाज में वैचारिक परिवर्तन लाने के लिए कार्य कर रही है और कुरीतियों को त्यागे बिना समाज की प्रगति संभव नहीं है।
वरिष्ठ समाजसेवी एडवोकेट करतार सिंह भारतीय ने कहा कि बाबूजी जाति विहीन समाज का भारत बनाना चाहते थे और इसी उद्देश्य से उन्होंने रेल मंत्री रहते हुए प्लेटफॉर्म की प्याऊ पर अनुसूचित वर्ग के लोगों को बैठाकर सामाजिक समानता का संदेश दिया था।
पूर्व कांग्रेस शहर अध्यक्ष देवेंद्र कुमार चिल्लू ने बाबू जगजीवन राम के कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि उन्होंने जिस भी मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली, उसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। खाद्य मंत्री रहते देश को आत्मनिर्भर बनाया और रक्षा मंत्री रहते पाकिस्तान को पराजित कर बांग्लादेश की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
समारोह में अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य दिनेश भारत, रमाकांत सारस्वत, बंगाली बाबू सोनी, संजय सिंह, हरि गौतम विमल, रूप सिंह सोनी, चौ. रामगोपाल, समीर आगाई, शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित सिंह, सपा के पूर्व शहर अध्यक्ष वाजिद निसार, बच्चू सिंह कैथ, चौ. मानसिंह, चौ. निरंजन सिंह, विजय सिंह बुंदेला, सुनील सिरोही जाटव, परमजीत सिंह, राजेंद्र भारती, मोहन मुंशी, सेवती प्रसाद निम, सुखनंदन सोन, प्रमोद पिप्पल, विनोद आनंद, सत्य प्रकाश, महेंद्र सिंह, नेत्रपाल सिंह, उपेंद्र सिंह, भीष्मपाल सिंह, मनोज चंद्रा, कमल स्वरूप, हर जीवन व्यास, रणवीर सिंह राठौर, श्रीमती मीनू वर्मा, ममता सागर, सपना रानी, महेश जाटव, दाताराम नोनेरिया, रियाज अहमद, यशपाल राणा, सुरेंद्र सिंह जाटव, विवेक धर्मेश, अभिनव मौर्य सहित अनेक गणमान्य लोगों ने भाग लेकर बाबूजी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए।
कार्यक्रम का संचालन परमजीत सिंह द्वारा किया गया तथा अध्यक्षता अनिल कुमार संत ने की। समारोह का उद्घाटन भन्ते अमर ज्योति द्वारा किया गया। चक्की पाठ सिद्धार्थ उच्च माध्यमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने पदयात्रा कर कार्यक्रम में भाग लिया और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया।
समारोह में एक स्वर से यह संकल्प दोहराया गया कि बाबू जगजीवन राम के आदर्शों पर चलते हुए समाज में समानता, शिक्षा और एकता को बढ़ावा दिया जाएगा।